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रिलायंस (Reliance), ओएनजीसी (ONGC), ऑयल इंडिया (Oil India) की चाँदी, गैस के दाम दोगुने

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुरुवार 27 जून की शाम को हुई बैठक में प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ा कर 8.4 डॉलर प्रति एमबीटीयू यानी मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट करने का फैसला किया। 

सीसीईए की इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने की। नयी कीमत 1 अप्रैल 2014 से लागू होगी। इस समय गैस की कीमत 4.2 डॉलर प्रति एमबीटीयू है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में इस मुद्दे पर मतभेद के बावजूद कीमतें बढ़ाने का यह फैसला किया गया। दरअसल इस फैसले से बिजली और खाद क्षेत्र की कंपनियों की लागत बढ़ने और सीएनजी महँगी होने के आधार पर कई मंत्रियों को इस फैसले पर आपत्ति थी। गैस आधारित बिजली संयंत्रों के लिए इस फैसले के चलते बिजली उत्पादन की लागत में करीब पौने पाँच रुपये प्रति यूनिट का इजाफा हो सकता है। 

सीसीईए की इस बैठक में रंगराजन समिति की सिफारिशों को काफी हद तक मान लिया गया। इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने सिफारिश की थी कि गैस की नयी कीमत 6.77 डॉलर प्रति एमबीटीयू होनी चाहिए। लेकिन सीसीईए की बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय की सिफारिश के बदले रंगराजन समिति की ओर से सुझाये गये सूत्र को प्राथमिकता दी गयी। हालाँकि समिति की यह सलाह नहीं मानी गयी कि गैस की कीमतों में हर महीने बदलाव हो। इसके बदले सीसीईए ने कीमतों की तिमाही समीक्षा का फैसला किया है। इससे पहले गैस की कीमत 3 साल पहले बढ़ायी गयी थी। 
गैस की कीमतें बढ़ने का फायदा मुख्य रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया (Oil India) को मिलेगा। हालाँकि सीसीईए का फैसला शेयर बाजार बंद होने के बाद आया, लेकिन सीसीईए की बैठक में गैस की बढ़ाने पर विचार होने की खबर के चलते गुरुवार को इन तीनों कंपनियों के शेयर भाव में पूरे दिन मजबूती बनी रही। गुरुवार को रिलायंस में 3.48%, ओएनजीसी में 4.14% और ऑयल इंडिया में 2.32% की तेजी रही। (शेयर मंथन, 27 जून 2013)

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