शेयर मंथन में खोजें

विमानन (Aviation) कंपनियों पर पड़ेगा बोझ, महँगा हुआ जेट ईंधन

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर हो रहे हंगामे के बीच सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने जेट ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की दरों में 7% की बढ़ोतरी की है।

विमानन कंपनियों की लागत में लगभग 40% हिस्सेदारी एटीएफ की होती है। ऐसे में विमानन कंपनियों, खास तौर से किफायती विमानन सेवाओं (एलसीसी) पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही तेजी के चलते इन दिनों लगभग सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में इजाफा हो रहा है।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एटीएफ की दरों में 4,688 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि हुई है और एटीएफ अब 70,028 रुपये प्रति किलोलीटर में उपलब्ध है। एटीएफ की कीमतें लगातार दूसरे महीने चढ़ी हैं। इसके साथ ही इसकी कीमतें 2014 के बाद के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गयी हैं। ऐसे में कई और मोर्चों पर जूझ रही विमानन कंपनियों के लिए विमानन ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी उनकी मुश्किलें ही बढ़ायेगी। देश के चार प्रमुख महानगरों में 1 जून को मुंबई में ही एटीएफ की दर सबसे कम और कोलकाता में सबसे अधिक रही। मुंबई में यह 69,603 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से उपलब्ध था तो कोलकाता में इसकी दर 74,599 रुपये प्रति किलोलीटर थी। चेन्नई और दिल्ली के भाव कमोबेश एक जैसे हैं।
रसोई गैस और केरोसिन भी महँगे
तेल कंपनियों ने रसोई गैस सिलिंडर के दाम में भी 2 रुपये प्रति सिलिंडर का इजाफा किया है। दिल्ली में अब रसोई गैस सिलिंडर की नयी कीमत 493.55 रुपये हो गयी है। वहीं गैर-रियायती गैस सिलिंडर की कीमत 48.50 रुपये बढ़ा कर 698.50 रुपये कर दी गयी है। इसी तरह केरोसिन का भाव भी 26 पैसे बढ़ाया गया है। जुलाई, 2016 से केरोसिन के भाव में हर महीने इजाफा हो रहा है और तबसे इसके भाव तकरीबन 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। राजधानी दिल्ली को केरोसिन मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। (शेयर मंथन, 02 जून 2018)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख