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ब्रजेश ठाकुर को बिहार से बाहर की जेल में भेजने का आदेश

सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने मुजफ्फरपुर आश्रय घर (Muzaffarpur Shelter Home) में बलात्कार के आरोपों के मामले में सीबीआई द्वारा दायर की गयी प्रस्थिति रिपोर्ट को देख कर कहा कि यह तस्वीर तो "चौंकाने वाली, भयानक और डरावनी" है।

बिहार सरकार की आर्थिक मदद से एक एनजीओ के प्रमुख ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) द्वारा संचालित किये जा रहे एक आश्रय घर में 30 से अधिक लड़कियों के साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया था। लड़कियों के यौन शोषण का यह मामला तब सामने आया, जब टीआईएसएस ने राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग को प्रस्तुत अपनी लेखापरीक्षा रिपोर्ट में इसे उजागर किया था।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कहा किया कि ब्रजेश ठाकुर बेहद प्रभावशाली प्रतीत होता है और उसे बिहार से किसी दूसरे राज्य की जेल में भेजे जाने की जरूरत है। सीबीआई ने ठाकुर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये हैं। न्यायालय ने कहा कि ठाकुर के खिलाफ दर्ज किये गये आरोपों की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उसका बिहार की किसी भी जेल में रहना उचित नहीं है।
सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार सरकार और सीबीआई से जवाब माँगा कि बिहार सरकार में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा को अभी तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया? जब यह बात सामने आयी थी कि ब्रजेश ठाकुर औऱ बिहार सरकार में मंत्री रहीं मंजू वर्मा के पति का गहरा संबंध है, तो उसके बाद मंजू वर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। (शेयर मंथन, 25 अक्टूबर 2018)

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