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आम आदमी के लिए आयी अच्छी खबर, खुदरा महँगाई 5 महीनों के निचले स्तर पर

महँगाई के मोर्चे पर आम आदमी बड़ी राहत मिली है। जनवरी में खाने-पीने की चीजों के दामों में सस्ती होने से खुदरा महँगाई घटकर 5 महीने के निचले स्तर 4.31% पर आ गयी है। केंद्रीय सांख्यिकी विभाग ने बुधवार (12 फरवरी) को खुदरा मुद्रास्फीति के आँकड़े जारी किये हैं। इससे पहले अगस्त 2024 में ये 3.65% पर थी, जबकि दिसंबर 2024 में खुदरा महँगाई 5.22% रही थी। 

खाद्यों वस्तुओं के दाम घटे

महँगाई दर के आँकड़ों में 50% योगदान खाद्य वस्तुओं का होता है। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक मासिक आधार पर घटकर 6.02% हो गयी है, जो दिसंबर 2024 में 8.39% थी और एक साल पहले जनवरी में 8.3% थी। सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सब्जियों, अंडों, दालों के दाम में कमी से खाद्य महँगाई और महँगाई दर में कमी आयी है। 

आरबीआई के लक्ष्य के करीब महँगाई

महँगाई के इन आँकड़ों से  आम आदमी समेत आरबीआई को भी राहत मिलेगी, जो लगातार बढ़ती महँगाई को काबू में करने की कोशिशों में लगा हुआ था। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को महँगाई दर को 2% की घट-बढ़ की गुंजाइश के साथ 4% से नीचे रखने को कहा है। महँगाई दर के ताजा आँकड़े आरबीआई के 4% के लक्ष्य के करीब हैं। 

कई मोर्चों पर लड़ रहा केंद्रीय बैंक

इससे पहले आरबीआई ने आम आदमी को राहत देते हुए लगभग एक हफ्ते पहले रेपो दर में 0.25% की कटौती की थी। इस समय आरबीआई को घरेलू और वैश्विक समेत वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहाँ डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट ये वह परेशान है, तो बैंकों में तरलता की कमी से निपटने के लिए मजबूत उपाय कर रहा है।   

(शेयर मंथन, 12 फरवरी 2025)

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