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साल पूरा, पूँजी आधी?

राजीव रंजन झा

सेंसेक्स नाम का अभिमन्यु चक्रव्यूह के सातवें  दरवाजे को पार नहीं कर पायेगा, यानी लगातार सातवें साल बढ़त नहीं दिखा पायेगा, यह तो काफी पहले ही तय हो गया था। लेकिन कई सबक देने वाले इस साल के अंतिम दिन अगर नफा-नुकसान जोड़ें, तो मोटे तौर पर यही दिखता है कि बीते साल सेंसेक्स घट कर आधा रह गया।  लेकिन क्या निवेशकों के पैसे भी घट कर आधे रह गये? 

मूल्यांकन सबसे अहम, इतिहास को न भूलें

आर वेंकटरमन, कार्यकारी निदेशक, इंडिया इन्फोलाइन

इतिहास में 15 सितंबर 2008 की तारीख मील का पत्थर मानी जायेगी। इसी दिन अमेरिका के दिग्गज निवेश बैंकों में से एक लेहमन ब्रदर्स ढह गया। लेहमन ब्रदर्स के ढहने से ‘टू बिग टु फेल’ का सिद्धांत गलत साबित हो गया। साल 2009 के लिए सबक यही है कि बुनियादी बातों को हमेशा याद रखा जाये। मूल्यांकन को कभी अनदेखा न करें और इतिहास को न भूलें।

भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव

11.10: हालांकि  भारतीय शेयर बाजारों में कैलेंडर साल 2008 के आखिरी दिन के कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई, लेकिन जल्दी ही इनमें गिरावट आ गयी। इस समय बाजारों में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। सेंसेक्स 58 अंक ऊपर 9,774 पर है, जबकि निफ्टी 9 अंक ऊपर 2,988 पर है। बीएसई के सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में हैं।

डॉव जोंस में बढ़त, एशियाई बाजारों में मजबूती

जनरल मोटर्स की वित्तीय शाखा जीएमएसी को सरकारी सहायता दिये जाने का अमेरिकी शेयर बाजारों ने स्वागत किया और मंगलवार को डॉव जोंस अच्छी मजबूती दर्ज करने में कामयाब रहा। कैलैंडर साल 2008 के आखिरी दिन सुबह एशियाई बाजारों में बढ़त दिख रही है।

भारतीय शेयर बाजार में बढ़त बरकरार

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 183 अंकों की मजबूती के साथ 9716 पर रहा। निफ्टी 57 अंकों की बढ़त के साथ 2,979 पर बंद हुआ। मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद  गिरावट आ गयी। दोपहर बाद शेयर बाजार ने अच्छी वापसी की और इस कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। 

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