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बजाज हिंदुस्तान के शेयरों में 10.5% की बढ़त

आज के कारोबार में शुगर कंपनी बजाज हिंदुस्तान के शेयरों में बढ़त का रुख है। बीएसई में दोपहर 3.12 बजे इसका शेयर भाव 10.5% की तेजी  के साथ 73.05 रुपये पर था।

गति के शेयरों में 4% से अधिक की तेजी

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की कंपनी गति के शेयरों में आज के कारोबार में तेजी का रुख है। बीएसई में दोपहर 2.22 बजे कंपनी का शेयर भाव 1.95 रुपये या 4.99% की मजबूती के साथ 41.00 रुपये पर था।

साल पूरा, पूँजी आधी?

राजीव रंजन झा

सेंसेक्स नाम का अभिमन्यु चक्रव्यूह के सातवें  दरवाजे को पार नहीं कर पायेगा, यानी लगातार सातवें साल बढ़त नहीं दिखा पायेगा, यह तो काफी पहले ही तय हो गया था। लेकिन कई सबक देने वाले इस साल के अंतिम दिन अगर नफा-नुकसान जोड़ें, तो मोटे तौर पर यही दिखता है कि बीते साल सेंसेक्स घट कर आधा रह गया।  लेकिन क्या निवेशकों के पैसे भी घट कर आधे रह गये? 

मूल्यांकन सबसे अहम, इतिहास को न भूलें

आर वेंकटरमन, कार्यकारी निदेशक, इंडिया इन्फोलाइन

इतिहास में 15 सितंबर 2008 की तारीख मील का पत्थर मानी जायेगी। इसी दिन अमेरिका के दिग्गज निवेश बैंकों में से एक लेहमन ब्रदर्स ढह गया। लेहमन ब्रदर्स के ढहने से ‘टू बिग टु फेल’ का सिद्धांत गलत साबित हो गया। साल 2009 के लिए सबक यही है कि बुनियादी बातों को हमेशा याद रखा जाये। मूल्यांकन को कभी अनदेखा न करें और इतिहास को न भूलें।

भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव

11.10: हालांकि  भारतीय शेयर बाजारों में कैलेंडर साल 2008 के आखिरी दिन के कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई, लेकिन जल्दी ही इनमें गिरावट आ गयी। इस समय बाजारों में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। सेंसेक्स 58 अंक ऊपर 9,774 पर है, जबकि निफ्टी 9 अंक ऊपर 2,988 पर है। बीएसई के सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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