शेयर मंथन में खोजें

डॉव जोंस में बढ़त, एशियाई बाजारों में मजबूती

जनरल मोटर्स की वित्तीय शाखा जीएमएसी को सरकारी सहायता दिये जाने का अमेरिकी शेयर बाजारों ने स्वागत किया और मंगलवार को डॉव जोंस अच्छी मजबूती दर्ज करने में कामयाब रहा। कैलैंडर साल 2008 के आखिरी दिन सुबह एशियाई बाजारों में बढ़त दिख रही है।

भारतीय शेयर बाजार में बढ़त बरकरार

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 183 अंकों की मजबूती के साथ 9716 पर रहा। निफ्टी 57 अंकों की बढ़त के साथ 2,979 पर बंद हुआ। मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद  गिरावट आ गयी। दोपहर बाद शेयर बाजार ने अच्छी वापसी की और इस कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। 

रिलायंस कम्युनिकेशंस में 6% से अधिक की तेजी

रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में तेजी का रुख है। बीएसई में दोपहर 2.22 बजे कंपनी का शेयर भाव 14.65 रुपये या 6.88% की मजबूती के साथ 227.50 रुपये पर था।

भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव

12.34: मंगलवार के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ करने के बाद इस समय भारतीय बाजारों में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। कभी सूचकांक लाल निशान में चले जाते हैं, तो कभी हरे निशान में। इस समय सेंसेक्स 23 अंक चढ़ कर 9,557 पर है, जबकि निफ्टी 3 अंकों की कमजोरी के साथ 2,919 पर है। बीएसई रियल्टी सूचकांक में 1.4% मजबूती है। तेल-गैस सूचकांक में करीब 1% गिरावट है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हल्की बढ़त है। सत्यम कंप्यूटर्स में 5.5%, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 3.7%, जयप्रकाश एसोसिएट्स में 3.5% और टाटा मोटर्स में 2.9% की मजबूती है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी में 1.5% की गिरावट है।

 

यह सत्यम नहीं, और सुंदरम तो बिल्कुल नहीं

राजीव रंजन झा

सत्यम कंप्यूटर आज एक अराजक कंपनी बन चुकी है। इसकी बागडोर ऐसे प्रबंधन के हाथों में है, जिसके पास कंपनी की महज 5% या उससे भी कम हिस्सेदारी है और बाकी निवेशकों का विश्वास यह प्रबंधन पूरी तरह खो चुका है। इसके बावजूद ऐसा जान पड़ता है कि यह प्रबंधन किसी भी तरह की जोड़-तोड़ से खुद को बचाये रखने की अंतिम कोशिशों में लगा है। अब यह साफ हो चुका है कि इस प्रबंधन ने न केवल अपने निवेशकों से, बल्कि खुद अपने निदेशक बोर्ड से कंपनी के बड़े-बड़े सत्यों को छिपाये रखा।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख