शेयर मंथन में खोजें

कल की तेजी जारी रहने की उम्मीद

सौरभ मित्तल, एमडी, स्वदेशी क्रेडिट शेयर ब्रोकर्स

आज के बाजार के बारे में मेरा मानना है कि यह सपाट से सकारात्मक रह सकता है। कल हमारे शेयर बाजारों में जो मजबूती दिखी थी, वह जारी रह सकती है। कल के कारोबार में दोपहर बाद हमारे बाजारों में आयी तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

डॉव जोंस में गिरावट, एशियाई बाजारों में हरियाली

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों को कई चिंताजनक खबरों से जूझना पड़ा और अंततः डॉव जोंस में 32 अंकों की गिरावट दर्ज की गयी। आज सुबह एशियाई बाजारों में बढ़त दिख रही है।  

भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 204 अंक या 2.19% की मजबूती के साथ 9,533 पर रहा। निफ्टी 65 अंक या 2.27% की मजबूती के साथ 2,922 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन दोपहर के बाद बाजार ने बढ़त का रुख किया।

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर चढ़े

आज के कारोबार में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी का रुख है। विभिन्न समाचार माध्यमों में यह खबर आयी है कि अपनी क्षमता के विस्तार के लिए कंपनी अगले पाँच सालों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

किर्लोस्कर ब्रदर्स की यूनिट बंद, शेयरों में गिरावट

शेयर बाजार में आज के कारोबार में किर्लोस्कर ब्रदर्स के शेयरों में गिरावट का रुख है। बीएसई में दिन के कारोबार में कंपनी का शेयर भाव 77.10 का निचला स्तर छूने के बाद दोपहर 1.57 बजे 2.20% की कमजोरी के साथ 80.00 रुपये पर है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख