शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

बजाज फाइनेंस में ग्रोथ धीमी पड़ रही है? निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बजाज फाइनेंस को लेकर निवेशकों के बीच हमेशा से एक प्रीमियम कंपनी की छवि रही है। कंपनी ने लंबे समय तक शानदार ग्रोथ दिखाई और इसी वजह से बाजार ने इसे ऊंचे वैल्यूएशन दिए।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि लेकिन अब स्थिति थोड़ी बदलती नजर आ रही है। कंपनी का आकार काफी बड़ा हो चुका है और लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप तक पहुंचने के बाद अब पहले जैसी तेज ग्रोथ बनाए रखना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि स्टॉक में पहले जितनी आक्रामक तेजी देखने को नहीं मिल रही और अब यह अधिकतर कंसोलिडेशन मोड में दिखाई देता है।

किसी भी NBFC का प्रदर्शन सीधे तौर पर क्रेडिट ग्रोथ से जुड़ा होता है। Bajaj Finance अभी भी सेक्टर का मजबूत और प्रीमियम खिलाड़ी है, लेकिन समस्या इसके वैल्यूएशन को लेकर है। पहले बाजार इस कंपनी को बहुत ऊंचा प्राइस टू बुक मल्टीपल देता था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। फिलहाल स्टॉक करीब 5 गुना प्राइस टू बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रहा है, जिसे कई विश्लेषक अब भी महंगा मानते हैं। उनका मानना है कि प्रीमियम कंपनी होने के बावजूद 4 गुना प्राइस टू बुक के आसपास का वैल्यूएशन ज्यादा उचित माना जा सकता है। इसी वजह से स्टॉक में 950 से 1000 रुपये के आसपास बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जबकि 750 से 800 रुपये के स्तर पर मजबूत खरीदारी समर्थन उभर सकता है।

हालांकि कंपनी के हालिया नतीजों में कुछ सकारात्मक संकेत भी दिखाई दिए हैं। नेट प्रॉफिट में क्वार्टर ऑन क्वार्टर और सालाना आधार पर सुधार देखने को मिला है। इसके अलावा ग्रॉस NPA और नेट NPA दोनों में गिरावट आई है, जो एसेट क्वालिटी के लिहाज से अच्छा संकेत माना जा रहा है। ग्रॉस NPA 1.21% से घटकर 1.01% पर आ गया, जबकि नेट NPA भी 0.47% से घटकर 0.41% हो गया। इससे यह साफ है कि कंपनी अपनी लोन बुक की गुणवत्ता सुधारने पर काम कर रही है।

लेकिन चिंता की बात यह है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है। जैसे-जैसे कंपनी का आकार बढ़ता है, वैसे-वैसे तेज ग्रोथ बनाए रखना मुश्किल होता जाता है। बाजार केवल ग्रोथ को नहीं, बल्कि ग्रोथ की रफ्तार को ज्यादा महत्व देता है। यदि कंपनी की ग्रोथ जारी भी रहती है लेकिन उसकी गति धीमी होती जाती है, तो वैल्यूएशन में दबाव आ सकता है। यही स्थिति पहले HDFC Bank के साथ भी देखने को मिली थी, जहां समय के साथ ग्रोथ रेट कम होने पर वैल्यूएशन में कंप्रेशन आया।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बजाज फाइनेंस अब भी एक मजबूत और भरोसेमंद कंपनी मानी जा सकती है, लेकिन इसमें पहले जैसी तेज रिटर्न की उम्मीद रखना शायद सही नहीं होगा। आने वाले समय में यह स्टॉक बड़े दायरे में कंसोलिडेशन करता हुआ नजर आ सकता है। इसलिए निवेशकों को इसमें बहुत आक्रामक तेजी की बजाय स्थिर और सीमित रिटर्न की उम्मीद रखनी चाहिए।

 



(शेयर मंथन, 08 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख