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बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कहाँ लगाएं पैसा? मयूरेश जोशी ने बताए दमदार 4 सेक्टर के शेयर!

वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में कई निवेशकों के मन में सवाल आ रहा है कि बेहतर रिटर्न के लिए कहाँ निवेश करें?

बाजार विशेषज्ञ मयूरेश जोशी का मानना है कि निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता पश्चिम एशिया का संकट और उसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में बनी अस्थिरता है। आने वाले समय के लिए मयूरेश जोशी ने चार प्रमुख थीम्स पर जोर दिया है-  फार्मा, मेटल्स एंड माइनिंग, पावर एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, और स्पेशलिटी केमिकल्स। उनका मानना है कि फार्मा कंपनियों पर कच्चे तेल की अस्थिरता का असर सीमित रहता है और बेहतर मार्जिन के चलते यह सेक्टर मजबूत दिख रहा है। इसी तरह मेटल और माइनिंग कंपनियां घरेलू कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से लाभ उठा सकती हैं। पावर सेक्टर में बढ़ती बिजली मांग और डेटा सेंटर विस्तार लंबी अवधि का अवसर दे रहे हैं।

मयूरेश जोशी के पंसदीदा शेयर

इन थीम्स के तहत मयूरेश जोशी ने कुछ पसंदीदा शेयरों का भी उल्लेख किया। फार्मा सेक्टर में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस को मजबूत ग्रोथ क्षमता वाला स्टॉक बताया गया। उनके अनुसार कंपनी के ग्रॉस मार्जिन लगभग 60 प्रतिशत और EBITDA मार्जिन करीब 30% के आसपास बने हुए हैं। अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों से कंपनी की आय में सुधार की उम्मीद है, जबकि ब्रांडेड जेनेरिक दवाओं के नए लॉन्च आने वाले समय में ग्रोथ को बढ़ावा दे सकते हैं।

मेटल एवं माइनिंग सेक्टर में गोदावरी पावर एंड इस्पात को आकर्षक विकल्प बताया गया है। कंपनी अपने माइनिंग ऑपरेशंस, पेलेट्स और स्पॉन्ज आयरन उत्पादन का विस्तार कर रही है। साथ ही कंपनी पावर और सोलर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रही है। मजबूत कैश फ्लो और कम कर्ज के चलते विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कंपनी लंबी अवधि में बड़ा मल्टीप्लायर प्रभाव दिखा सकती है।

पावर सेक्टर में एनएलसी इंडिया को पसंद किया गया है। कंपनी लिग्नाइट माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और थर्मल पावर विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। प्रबंधन का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में EBITDA मार्जिन 38 प्रतिशत से बढ़कर 45% तक पहुँच सकता है। बढ़ती बिजली मांग और बेहतर रियलाइजेशन कंपनी की कमाई को मजबूती दे सकते हैं। साथ ही इसका डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षेत्र में इंजीनियर्स इंडिया को मजबूत विकल्प माना गया है। कंपनी का बड़ा हिस्सा कंसल्टेंसी बिजनेस से आता है, जहां मार्जिन 28 से 30% के बीच रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होते हैं तो वहां इंफ्रास्ट्रक्चर री-डेवलपमेंट की बड़ी संभावनाएं बन सकती हैं, जिसका फायदा इंजीनियर्स इंडिया जैसी कंपनियों को मिलेगा।

मयूरेश जोशी का मानना है कि बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन मजबूत सेक्टर्स और गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों को आने वाले एक साल में 20 से 25 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल सकता है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई निवेश सलाह नहीं है और किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

(शेयर मंथन, 09 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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