विजय जानना चाहते हैं कि उन्हें एनएमडीसी के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि शेयर बाजार में निवेश करते समय केवल तेजी को देखकर फैसला लेना कई बार भारी पड़ सकता है। एनएमडीसी की करें तो यह स्टॉक मुख्य रूप से वैल्यू और डिविडेंड के नजरिए से पसंद किया जाता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में मेटल सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कोविड के बाद मेटल इंडेक्स करीब आठ गुना तक चढ़ चुका है और एनएमडीसी जैसे स्टॉक्स ने भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी तेजी के बाद अब निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मेटल सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती इसकी साइक्लिकल प्रकृति है। जब तेजी आती है तो स्टॉक्स तेजी से ऊपर जाते हैं, लेकिन गिरावट भी उतनी ही तेज हो सकती है।
फिलहाल सेक्टर में कोई बड़ी कमजोरी नजर नहीं आ रही है, लेकिन यह भी संभव है कि मेटल सेक्टर अपने तेजी के अंतिम चरण में हो। ऐसे में एनएमडीसी में निवेश करने वालों को इसे लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश की बजाय “टैक्टिकल” नजरिए से देखना चाहिए। यानी गिरावट पर खरीदारी और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ निवेश करना ज्यादा बेहतर रणनीति हो सकती है। एनएमडीसी का ऑल टाइम हाई करीब 130 रुपये के आसपास रहा है और मौजूदा स्तरों पर इसमें उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रह सकता है। विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को स्टॉक के हालिया लो लेवल को अपने रिस्क मैनेजमेंट का आधार बनाकर चलना चाहिए।
राय साफ है कि चाहे मेटल सेक्टर हो या बैंकिंग सेक्टर, निवेशकों को केवल तेजी देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। सही समय पर एंट्री, मजबूत रिस्क मैनेजमेंट और सेक्टर की साइकिल को समझना ही लंबे समय में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित हो सकता है।
(शेयर मंथन, 11 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)