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टाटा मोटर्स पीवी पर निवेशकों की नजर, क्या 625 रुपये से होगी वापसी?

बृजेश पाठक जानना चाहते हैं कि उन्हें टाटा मोटर्स पीवी (Tata Motors PV) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में शुरुआती बढ़त जरूर हासिल की थी। Nexon EV जैसे मॉडल्स ने कंपनी को बाजार में मजबूत पहचान दी, लेकिन समय के साथ प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ी। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने नए EV प्लेटफॉर्म के जरिए बाजार में आक्रामक एंट्री की, जिससे Tata Motors की बढ़त कुछ कमजोर पड़ती दिखाई दी। ऑटो सेक्टर में कंपनियां लगातार एक-दूसरे की रणनीतियों का अध्ययन करती रहती हैं और जहां अवसर दिखता है वहां नई बेट लगाती हैं। यही कारण है कि कभी Mahindra आगे निकल जाती है तो कभी Tata Motors बाजार की पसंद बन जाती है।

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस पूरी तरह खत्म होने वाली कहानी नहीं है। कंपनी बड़ी और स्थापित खिलाड़ी है, इसलिए लंबे समय में रिवाइवल की संभावना बनी हुई है। हालांकि अभी सबसे बड़ी चिंता कंपनी के तिमाही नतीजों को लेकर है। जब तक बिक्री और मुनाफे में लगातार सुधार नहीं दिखता, तब तक शेयर में मजबूत तेजी की उम्मीद करना जल्दबाजी हो सकती है। फिलहाल निवेशकों को साल-दर-साल ग्रोथ से ज्यादा तिमाही-दर-तिमाही सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

वैल्यूएशन के लिहाज से देखा जाए तो विशेषज्ञों को लगता है कि शेयर अब काफी हद तक आकर्षक स्तरों पर पहुंच चुका है। तकनीकी विश्लेषण में भी यह चर्चा है कि स्टॉक ने अपने बड़े रिट्रेसमेंट का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है। कुछ निवेशकों को चार्ट में “राउंडिंग बॉटम” या “कटोरी” जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ इसे लंबी अवधि का “W” पैटर्न मान रहे हैं। लेकिन तकनीकी संकेतों की पुष्टि के लिए मजबूत रिजल्ट बेहद जरूरी बताए जा रहे हैं।

350 रुपये के आसपास का स्तर तकनीकी रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। यही वह क्षेत्र है जहां से पहले बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिला था। अगर भविष्य में कंपनी के नतीजे सुधरते हैं और बाजार में भरोसा लौटता है, तभी शेयर में निर्णायक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल स्टॉक में “लोअर हाई” और “लोअर लो” की संरचना बनी हुई है, जो कमजोरी का संकेत देती है।

हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानी जा रही। अगर किसी छोटी या कमजोर कंपनी का शेयर होता तो चिंता ज्यादा होती, लेकिन Tata Motors एक स्थापित ऑटो कंपनी है और उसके पास मजबूत ब्रांड, मार्केट शेयर और EV अनुभव मौजूद है। ऐसे में 2-3 साल के नजरिए से निवेशकों को धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। कंपनी के बिजनेस में सुधार के स्पष्ट संकेत मिलते ही शेयर में फिर से जान लौट सकती है।

(शेयर मंथन, 14 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

 

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