बाजार विशेषज्ञ सुनील सुब्रमण्यम का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ भी रही है।
उनके अनुसार, दुनिया के कई विकसित देशों ने AI और रोबोटिक्स को तेजी से अपनाया, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद बनी। इसी वजह से विदेशी निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में उन देशों की हिस्सेदारी बढ़ाई। सुनील ने कहा कि भारत की स्थिति अलग है क्योंकि यहां बड़ी युवा आबादी को रोजगार देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। AI का एक प्रमुख उद्देश्य कार्यों को ऑटोमेट करना है, जिससे नौकरियों की संख्या घट सकती है। यही कारण है कि भारत AI को उतनी आक्रामकता से नहीं अपना पाया, जितना चीन, अमेरिका या दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने अपनाया।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास अवसर मौजूद हैं। यदि देश नए निर्यात क्षेत्रों, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और व्यापार समझौतों के माध्यम से AI का इस्तेमाल बढ़ाता है, तो रोजगार सृजन और आर्थिक विकास दोनों को गति मिल सकती है। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा भी वापस लौट सकता है और भारतीय बाजार को नई ऊर्जा मिल सकती है।
(शेयर मंथन, 01 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)