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ई-कॉमर्स बढ़ रहा, फिर भी ब्लू डार्ट क्यों पिछड़ रहा? जानिए लॉजिस्टिक्स सेक्टर की असली तस्वीर

भारत में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स का बाजार लगातार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका पूरा फायदा फिलहाल ब्लू डार्ट जैसी लॉजिस्टिक्स कंपनियों को मिलता नहीं दिख रहा।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि इसकी प्रमुख वजह सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर लगातार बना दबाव है। लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां कंपनियां लागत घटाने और ऑपरेशन को अधिक कुशल बनाने पर काम कर रही हैं। ऐसे माहौल में केवल कारोबार बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बेहतर मार्जिन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है।

यदि आने वाले कुछ तिमाहियों में देश की आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं तो लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इसका फायदा मिल सकता है। कुछ कंपनियों के नतीजों में सुधार के शुरुआती संकेत भी दिखाई दिए हैं, लेकिन ब्लू डार्ट के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती उसका ऊंचा वैल्यूएशन बना हुआ है। तकनीकी चार्ट के अनुसार शेयर फिलहाल 4,400 से 5,500 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकता है। यदि 5,500 रुपये के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलता है तो शेयर में नई तेजी की शुरुआत हो सकती है, जबकि इसके पहले निवेशकों को सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव और समय आधारित करेक्शन के लिए तैयार रहना चाहिए।


(शेयर मंथन, 07 जुलाई 2026)

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