आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की चाल काफी हद तक ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर निर्भर करेगी।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि फिलहाल यदि ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहता है, तो बाजार के लिए कोई बड़ी चिंता नहीं है। लेकिन यदि इसकी कीमत लगातार 80 डॉलर के ऊपर टिकने लगती है, तो बाजार इसे वैश्विक जोखिम का संकेत मान सकता है और बिकवाली बढ़ सकती है। बढ़ती तेल कीमतों का असर भारत के आयात बिल, महंगाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा भी कमजोर हो सकती है। इसलिए कच्चे तेल की चाल पर लगातार नजर रखें और उसके आधार पर निवेश संबंधी फैसले लें।
(शेयर मंथन, 15 जुलाई 2026)
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