वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच निवेशकों के लिए सबसे अहम चुनौती अपने पोर्टफोलियो को सही तरीके से संभालने की है।
बाजार विशेषज्ञ सुनील सुब्रमण्यम कहना है कि घबराहट के माहौल में पूरी तरह नया पोर्टफोलियो बनाने के बजाय पहले से मौजूद निवेश रणनीति पर कायम रहना बेहतर होगा। यदि किसी सेक्टर में अधिक निवेश हो गया है, तो उसमें संतुलन लाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर आईटी सेक्टर में जरूरत से ज्यादा एक्सपोजर रखने वाले निवेशकों को इसे सीमित करने की सलाह दी गई है, जबकि रक्षा (डिफेंस) और रेलवे जैसे सेक्टरों में तेज़ी के बाद आंशिक मुनाफावसूली पर भी विचार किया जा सकता है। दूसरी ओर बैंकिंग और फार्मा जैसे सेक्टरों का वेटेज धीरे-धीरे बढ़ाना लंबी अवधि के लिहाज से बेहतर रणनीति हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में आने वाली अस्थायी गिरावट से घबराने के बजाय मजबूत एसेट एलोकेशन और विविधीकृत पोर्टफोलियो पर भरोसा रखना ही सफल निवेश की कुंजी है।
(शेयर मंथन, 30 जुलाई 2026)
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