डिफेंस सेक्टर को लेकर निवेशकों में उत्साह बना हुआ है, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन के चलते इसमें निवेश के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि डिफेंस सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं मजबूत हैं, क्योंकि सरकार का रक्षा क्षेत्र पर लगातार फोकस और बढ़ते ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों में कंपनियों की ग्रोथ को समर्थन देंगे। हालांकि, इस सकारात्मक तस्वीर का बड़ा हिस्सा मौजूदा शेयर कीमतों में पहले ही शामिल हो चुका है। ऐसे में पारस डिफेंस जैसी कंपनियों में मौजूदा स्तर पर 'बाय एंड होल्ड' की रणनीति अपनाने के बजाय टैक्टिकल या ट्रेडिंग आधारित निवेश ज्यादा उपयुक्त माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिफेंस सेक्टर अगले दो-तीन साल की संभावित ग्रोथ को पहले ही डिस्काउंट कर चुका है, इसलिए नए निवेशकों को स्टॉक चुनते समय वैल्यूएशन और एंट्री लेवल पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पारस डिफेंस और जेन टेक्नोलॉजी जैसे शेयरों में आगे की चाल कंपनी के नतीजों और तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगी। पारस डिफेंस ऊंचे वैल्यूएशन पर लिस्ट होने के बावजूद अपनी मजबूती बनाए हुए है। यदि तिमाही नतीजों के बाद शेयर प्रमुख सपोर्ट स्तर के ऊपर टिकता है तो इसमें सकारात्मक मोमेंटम जारी रह सकता है, जबकि सपोर्ट टूटने पर तेजी कमजोर पड़ सकती है। दूसरी ओर, जेन टेक्नोलॉजी का तकनीकी ढांचा फिलहाल पारस की तुलना में कमजोर दिखाई देता है। शेयर करेक्टिव ट्रेंड में है और इसके 200-डे मूविंग एवरेज तक फिसलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में डिफेंस सेक्टर में निवेश करते समय केवल सेक्टर की मजबूत कहानी के बजाय कंपनी-विशिष्ट प्रदर्शन, नतीजों और तकनीकी संकेतों को ध्यान में रखकर ही निवेश का फैसला करना बेहतर होगा।
(शेयर मंथन, 05 अगस्त 2026)
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