शेयर बाजार में जब निफ्टी की चाल सीमित हो और दूसरी तरफ मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी देखने को मिले।
तब कई रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल होता है कि उनके पोर्टफोलियो में तेजी का असर क्यों नहीं दिख रहा। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि इसकी एक बड़ी वजह पोर्टफोलियो की गलत पोजीशनिंग हो सकती है। खासकर अगर किसी निवेशक के पोर्टफोलियो में BFSI और IT सेक्टर का वजन बहुत ज्यादा है, तो ब्रॉडर मार्केट की तेजी के बावजूद उसका पोर्टफोलियो अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है।
इंडेक्स में BFSI का वजन लगभग 35 फीसदी के आसपास हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी उतनी ज्यादा रखना जरूरी नहीं है। विश्लेषक के अनुसार BFSI में लगभग 10-15 फीसदी तक की पोजीशनिंग पर्याप्त हो सकती है और बैंकिंग के अलावा NBFC तथा रेटिंग एजेंसी जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा सकता है। वहीं IT सेक्टर में कमजोरी या कम भागीदारी के कारण भी कुछ निवेशकों के पोर्टफोलियो की गति प्रभावित हो सकती है।
इसके उलट कंजम्पशन से जुड़े सेक्टरों में पोर्टफोलियो को ज्यादा विविधता देने की संभावना दिखाई जा रही है। कंजम्पशन थीम में ऑटो और ऑटो एंसिलरीज, व्हाइट गुड्स तथा अन्य कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां शामिल हो सकती हैं। विश्लेषक का मानना है कि अगर इन क्षेत्रों का उचित मिश्रण पोर्टफोलियो में मौजूद है तो मौजूदा बाजार परिस्थितियों में पोर्टफोलियो में मूवमेंट दिखाई देना चाहिए।
इसका मतलब यह नहीं है कि BFSI या IT सेक्टर में निवेश पूरी तरह गलत है। असली मुद्दा सेक्टर एलोकेशन और पोर्टफोलियो में मौजूद असंतुलन का है। यदि किसी निवेशक का पोर्टफोलियो किसी एक या दो सेक्टर पर अत्यधिक निर्भर है, तो बाजार के अलग-अलग चरणों में उसका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। बाजार का साइकिल बदलने के साथ अलग-अलग सेक्टर नेतृत्व करते हैं, इसलिए निवेशकों को समय-समय पर अपनी पोजीशनिंग की समीक्षा करनी चाहिए।
मौजूदा माहौल में घरेलू कंजम्पशन ग्रोथ को भी महत्वपूर्ण ट्रिगर माना जा रहा है। विश्लेषक के मुताबिक कंजम्पशन का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है और किसी आर्थिक गतिविधि के वास्तविक प्रभाव को बाजार में दिखने में लंबा समय लग सकता है। इसी संदर्भ में क्रेडिट ग्रोथ को भी महत्वपूर्ण संकेतक माना गया है।
इसलिए अगर किसी निवेशक का पोर्टफोलियो लंबे समय से ठहरा हुआ है, तो केवल बाजार को दोष देने के बजाय उसे यह देखना चाहिए कि उसकी सेक्टर पोजीशनिंग मौजूदा बाजार साइकिल के अनुरूप है या नहीं। सही डायवर्सिफिकेशन, जोखिम के अनुसार पूंजी आवंटन और निवेश को पर्याप्त समय देना मौजूदा बाजार में महत्वपूर्ण हो सकता है।
(शेयर मंथन, 27 अगस्त 2026)
(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)