आईटी सेक्टर में मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक दिलचस्प पैटर्न की चर्चा हो रही है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि आईटी इंडेक्स की मौजूदा चाल में पुराने चार्ट पैटर्न की ‘मिरर’ या ‘वॉटर इमेज’ जैसी तस्वीर दिखाई दे सकती है। उनका मानना है कि चार्ट के बाएं हिस्से में जिस तरह की चाल बनी थी, वैसी ही चाल आगे दाएं हिस्से में भी बन सकती है। हालांकि, यह पैटर्न किस स्तर पर पूरा होगा, यह बाजार की अगली चाल पर निर्भर करेगा।
इस विश्लेषण में जुलाई के निचले स्तर को एक महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसके बाद अगस्त में इंडेक्स ने 32,000 के आसपास टॉप बनाया। विश्लेषक के मुताबिक, यह पैटर्न अप्रैल के टॉप के साथ कुछ समानता दिखाता है। इसी आधार पर मार्च के निचले स्तर से भी एक संभावित मिरर पैटर्न बनने की संभावना पर चर्चा की गई। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि बाजार बिल्कुल उसी स्तर और उसी तरीके से पुराने पैटर्न को दोहराए। वह पहले भी पूरा हो सकता है या छोटे दायरे में ही अपनी चाल पूरी कर सकता है।
यही वजह है कि तकनीकी पैटर्न को लेकर जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय 32,000 के स्तर पर नजर रखना जरूरी है। यदि इंडेक्स इस स्तर को मजबूती से पार कर जाता है तो मौजूदा मिरर थ्योरी की उपयोगिता कम हो सकती है और एक नई तेजी की कहानी शुरू हो सकती है। वहीं, यदि इंडेक्स 32,000 के नीचे ही बना रहता है तो पुराने पैटर्न के आधार पर कमजोरी की संभावनाएं खुली रहेंगी।
बाजार में अक्सर चाल पहले आती है और उसका नैरेटिव बाद में तैयार होता है। यही बात आईटी सेक्टर पर भी लागू हो सकती है। फिलहाल 32,000 का स्तर बाजार की अगली दिशा के लिए निर्णायक बन गया है। इसके ऊपर मजबूती आने पर तेजी का नया चरण शुरू हो सकता है, जबकि इसके नीचे इंडेक्स में कंसोलिडेशन या कमजोरी जारी रह सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में आईटी इंडेक्स की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
(शेयर मंथन, 03 सितंबर 2026)
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