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क्या 62,000 के नीचे टूटेगा मिडकैप का सपोर्ट?

शेयर बाजार के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में फिलहाल एक जैसी चाल देखने को नहीं मिल रही है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि तकनीकी नजरिए से मिडकैप इंडेक्स में तेज तेजी के बाद थकान और करेक्टिव पैटर्न के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगातार मजबूती दिखाते हुए हाल में एक नया हाई बनाने में कामयाब रहा है। ऐसे में बाजार के अलग-अलग इंडेक्स में अलग-अलग ट्रेंड नजर आने के कारण इस समय किसी एक स्पष्ट दिशा की पहचान करना आसान नहीं है।

मिडकैप इंडेक्स के चार्ट पर तेज उछाल के बाद अब एक तरह का आर्च जैसा पैटर्न बनता हुआ दिखाई दे रहा है। यानी बड़ी और तीखी तेजी के बाद इंडेक्स में कुछ थकान नजर आ रही है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मिडकैप में तत्काल बड़ी गिरावट आने वाली है। मौजूदा स्तर पर इंडेक्स अभी महत्वपूर्ण सपोर्ट के आसपास बना हुआ है और जब तक यह सपोर्ट decisively नहीं टूटता, तब तक बहुत ज्यादा नकारात्मक रुख अपनाने से बचना बेहतर माना जा रहा है।

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक मिडकैप इंडेक्स के लिए 62,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट बन गया है। 62,000 के ऊपर रहने तक स्थिति पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानी जा रही है। लेकिन अगर इंडेक्स 62,000 के नीचे जाता है तो रिट्रेसमेंट आधारित करेक्शन की शुरुआत हो सकती है। यही वजह है कि फिलहाल बाजार में 62,000 के स्तर पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, मिडकैप में पहले से एक करेक्टिव पैटर्न बन चुका है, इसलिए आगे की चाल में इस सपोर्ट का महत्व और बढ़ जाता है।

दूसरी ओर, स्मॉलकैप इंडेक्स की तस्वीर मिडकैप से कुछ अलग है। स्मॉलकैप ने हाल में एक छोटा लेकिन तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण नया हाई बनाया है। हालांकि इस तेजी को अभी कोई बहुत बड़ा विस्फोटक ब्रेकआउट नहीं कहा जा सकता, लेकिन नए हाई के आसपास स्मॉलकैप में मजबूती जरूर दिखाई दे रही है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार स्मॉलकैप में करीब 18,500 के स्तर पर ब्रेकआउट देखने को मिला था, जिसके बाद इंडेक्स ने लगभग 20,000 के स्तर तक एक्सटेंशन हासिल कर लिया है।

अब करीब 20,000 का स्तर स्मॉलकैप के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है। इतनी तेजी के बाद यहां कुछ समय के लिए ठहराव या कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। बाजार में इसे कमजोरी के बजाय एक स्वस्थ पॉज के तौर पर देखा जा सकता है, क्योंकि इंडेक्स पहले ही ब्रेकआउट के बाद अच्छी दूरी तय कर चुका है। ऐसे में बिना किसी बड़े करेक्शन के लगातार तेजी जारी रहने की उम्मीद करना फिलहाल उचित नहीं होगा।

अगर स्मॉलकैप में करेक्शन आता है तो सबसे पहले 19,650 के आसपास बने सपोर्ट पर नजर रखनी होगी। जब तक यह सपोर्ट कायम है, तब तक सिर्फ करेक्शन की संभावना के आधार पर बहुत ज्यादा नकारात्मक होने की जरूरत नहीं है। हालांकि अगर यह सपोर्ट टूटता है तो इंडेक्स में तेज रफ्तार से करेक्शन देखने को मिल सकता है। स्मॉलकैप की खासियत यही है कि इसमें करेक्शन बड़े समय तक चलने के बजाय काफी तेजी से देखने को मिल सकता है।

वहीं, अगर 19,650 का सपोर्ट कायम रहता है और 20,000 के आसपास कंसोलिडेशन के बाद नई तेजी शुरू होती है, तो स्मॉलकैप में अगला फ्रेश राइज देखने को मिल सकता है। तकनीकी नजरिए से आगे चलकर 23,000 और उसके ऊपर के स्तरों की संभावनाओं पर भी नजर रखी जा सकती है। हालांकि इसके लिए मौजूदा कंसोलिडेशन से मजबूत ब्रेकआउट और ट्रेंड की पुष्टि जरूरी होगी।


(शेयर मंथन, 09 सितंबर 2026)

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