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अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव बढ़ने से एशियाई बाजारों में बिकवाली

जानकारों के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव बढ़ने से निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों की बिकवाली कर रहे हैं।

एशियाई बाजारों ने की वापसी, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता पर है निवेशकों की नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा चीन के सामानों पर शुल्क लगाने की घोषणा से सोमवार को हुई भारी बिकवाली के आज मंगलवार के कारोबार में एशियाई बाजारों में वृद्धि देखने को मिल रही है।

ट्रम्प की चीन के सामनों पर शुल्क लगाने की धमकी से अमेरिकी बाजार में कमजोरी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन के सामानों पर शुल्क बढ़ाने की धमकी से कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को अमेरिकी बाजार में गिरावट दर्ज की गयी।

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, हैंग-सेंग 1,087 अंक लुढ़का

चीन और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अचानक बिगड़ने से कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।

उम्मीद से बेहतर रोजगार आँकड़ों से चढ़ा अमेरिकी बाजार

अप्रैल के उम्मीद से बेहतर रोजगार आँकड़ों से कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार अमेरिकी बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।

नकारात्मक वैश्विक रुझानों के बावजूद बाजार में मजबूती

वैश्विक नकारात्मक रुझानों के बीच कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को बाजार में मजबूती देखने को मिल रही है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, हैंग-सेंग में 245 अंकों की मजबूती

कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को नकारात्मक रुझानों के साथ एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति बनी हुई है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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