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बेहतर रोजगार आंकड़ों से डरा अमेरिकी बाजार, दरें बढ़ने की आशंका से गिरावट

रोजगार में बेहतर विकास दर के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से शुकवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।

फरवरी में उम्मीद से कम कार बिक्री से अमेरिकी बाजारों में गिरावट

अमेरिका में फरवरी के दौरान उम्मीद से कम कार बिक्री की वजह से अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मिली रिकॉर्ड बढ़त को बनाये रखने में नाकामयाब रहे।

अमेरिकी बाजार में रिकॉर्ड तेजी, डॉव जोंस अब तक के उच्चतम स्तर तक पहुँचा

अमेरिकी कंपनियों द्वारा जारी विलय और अधिग्रहण गतिविधियों के साथ चीन के द्वारा ब्याज दरों में कटौती से उत्साहित अमेरिकी बाजारों में सोमवार को रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है।

आर्थिक सर्वेक्षण से बाजार का भरोसा लौटा, सेंसेक्स 473 अंक बढ़कर बंद

आर्थिक सर्वेक्षणों से मिले सकारात्मक संकेतों से शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी देखने को मिली है।

फेडरल रिजर्व के सकारात्मक संकेतों से अमेरिकी बाजार बढ़े

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से जल्द ही कोई कड़े कदम न उठाये जाने के संकेतों से अमेरिकी बाजार में बढ़त देखने को मिली है।

अमेरिकी बाजारों का मिला जुला प्रदर्शन, नैस्डैक में बढ़त, डॉवजोंस, एसएंडपी 500 फिसले

अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों की वजह से सोमवार को अमेरिकी बाजारों पर दबाव देखने को मिला है।

निफ्टी में बदलाव- डीएलएफ, जेएसपीएल की जगह आइडिया सेल्युलर, यस बैंक होंगे शामिल

पचास शेयरों के सूचकांक निफ्टी की सूची से डीएलएफ (DLF Ltd) और जेएसपीएल (Jindal Steel & Power Ltd) बाहर होंगे, जबकि इन शेयरों का स्थान आइडिया सेल्युलर (Idea Cellular) और यस बैंक (Yes Bank) लेंगे।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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