सिद्धार्थ रस्तोगी का शेयर बाजार 2026 के लिए क्या है नजरिया, कौन तय करेगा बाजार की दिशा?
एंबिट एसेट मैनेजमेंट के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ रस्तोगी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार ने अब तक अपनी अधिकांश कमजोरियों को कीमतों में समाहित कर लिया है।
एंबिट एसेट मैनेजमेंट के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ रस्तोगी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार ने अब तक अपनी अधिकांश कमजोरियों को कीमतों में समाहित कर लिया है।
पिछले दो वर्षों में आईपीओ की तेज रफ्तार और बाजार में बढ़ती भागीदारी के बीच निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही शेयर चुनने की है।
जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब कुछ निवेशक सतर्क हो जाते हैं और कुछ अवसर तलाशने लगते हैं। स्वतंत्र विश्लेषक अरविंद पृथी खुद को दूसरे वर्ग में रखते हैं।
एसडब्ल्यू कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पंकज जैन आने वाले महीनों के दौरान घरेलू बाजार के लिए संतुलित, लेकिन चयनात्मक आशावाद से भरा आकलन प्रस्तुत कर रहे हैं।
सी फंड्स मैनेजमेंट इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ शोध विश्लेषक बृजेश ऐल का मानना है कि भारतीय बाजार के लिए आगे आने वाले महीने शानदार रहने वाले हैं।
सेंट्रम फिनवर्स लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ के. संदीप नायक का आकलन घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती पर आधारित आशावाद के साथ वैश्विक जोखिमों को भी रेखांकित करता है।
एसएमसी कैपिटल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. डीके अग्रवाल का है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार, सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास भारतीय शेयर बाजार को आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार बना सकते हैं।
द कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पिसुपाटी का मानना है कि घरेलू निवेश प्रवाह के मजबूत होने और विदेशी निवेशकों पर निर्भरता घटने से भारतीय शेयर बाजार की बुनियाद मजबूत हुई है।
शेयर बाजार को लेकर साइकस एंड रे इक्विटीज (इंडिया) लिमिटेड के फंड मैनेजर नितेश चंद का आकलन आने वाले महीनों में सतर्कता का संकेत देता है।
शेयर बाजार को लेकर स्वतंत्र विश्लेषक प्रभात मित्तल का आकलन आने वाले महीनों में सीमित लेकिन सकारात्मक रुख दिखाता है।
शेयर बाजार को लेकर दौलत कैपिटल में इक्विटी प्रमुख अमित खुराना का नजरिया संतुलित लेकिन सकारात्मक है।
शेयर बाजार को लेकर मॉडर्न शेयर्स के निदेशक अनिल मंघनानी का नजरिया आने वाले महीनों में दो चरणों में बँटा हुआ दिखता है।
शेयर बाजार को लेकर ट्रेंड रिपोर्टर हितेंद्र वासुदेव का नजरिया तकनीकी स्तरों और दीर्घकालिक बुनियादी मजबूती के मिश्रण पर आधारित है।
शेयर बाजार को लेकर बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा का आकलन आने वाले एक साल के लिए आशावादी नजर आता है। उनका मानना है कि कमाई में सुधार, कर सुधारों की निरंतरता और बहु-वर्षीय बुनियादी ढाचा खर्च के चलते भारतीय शेयर बाजार 2025 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है और वैश्विक बाजारों से आगे निकल सकता है।
कमोडिटी बाजार में इस समय जो तस्वीर सामने आ रही है, वह ऐतिहासिक कही जा सकती है। एक तरफ सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और एमसीएक्स पर 1.5 लाख रुपये के पार निकल चुका है, वहीं दूसरी तरफ चाँदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है।
सोना के बाजार में इस समय जो हलचल दिख रही है। वह निवेशकों के लिए जितनी आकर्षक है, उतनी ही जोखिम भरी भी है।