घरेलू निवेश से बाजार को मजबूती, रुपये में कमजोरी बड़ी चिंता
संजय सिन्हा
संस्थापक, साइट्रस एडवाइजर्स
युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये में कमजोरी और एफपीआई की बिकवाली जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजार ने उल्लेखनीय दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।
संजय सिन्हा
संस्थापक, साइट्रस एडवाइजर्स
युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये में कमजोरी और एफपीआई की बिकवाली जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजार ने उल्लेखनीय दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।
वैश्विक स्तर पर चल रहा AI ट्रेड अब धीरे-धीरे परिपक्व हो सकता है, जिससे निवेशकों का रुझान भारत जैसे बाजारों की ओर बढ़ सकता है।
संदीप सभरवाल
आस्कसंदीपसभरवाल.कॉम
भारतीय शेयर बाजार का मौजूदा परिदृश्य मुझे यहाँ से सकारात्मक नजर आ रहा है और सेंसेक्स वर्ष 2028 तक 1 लाख का स्तर हासिल कर सकता है।
निफ्टी फिलहाल 24,300 के ऊपर टिके रहने में सफल रहा है, जिससे बाजार में नई तेजी की उम्मीद जगी है।
अल्फा ग्रेप म्यूचुअल फंड ने अपना पहला एनएफओ एक मल्टी एसेट फंड के रूप में लॉन्च किया है, जो पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स से अलग एक तकनीक आधारित निवेश मॉडल पर काम करेगा।
संदीप जैन
निदेशक, ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग
भारतीय बाजार अब व्यापक आधार वाली तेजी की स्थिति में आ गया है, लेकिन बेहतर प्रदर्शन के लिए सही शेयरों का चयन महत्वपूर्ण होगा।
रवि सिंह
चीफ रिसर्च ऑफिसर, मास्टर कैपिटल सर्विसेज
भारतीय शेयर बाजार मध्यम अवधि में मजबूत बना रह सकता है। घरेलू आर्थिक वृद्धि, महँगाई में नरमी और लगातार मिल रहे नीतिगत समर्थन से बाजार को सहारा मिल सकता है, हालाँकि वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं को देखते हुए चुनौतियाँ भी बनी रहेंगी।
राजेश तांबे
सीईओ, अक्सान कैपिटल एडवाइजरी
बाजार के लिए इस समय सकारात्मक पहलू एसएमई आईपीओ के जरिये बाजार के एक नये खंड का उभरना है। वहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े प्रभाव बाजार के लिए नकारात्मक कारक हो सकते हैं।
प्रकाश दीवान
फैमिली ऑफिस संस्थापक
छोटी अवधि में बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार में साल भर के अंदर एक बड़ी गिरावट शुरू होने की आशंका है, पर उससे पहले बाजार एक नयी ऊँचाई बना सकता है।
L&T लंबे समय के निवेशकों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद लार्ज कैप कंपनी मानी जाती है। इसका कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, निर्माण, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सेवाओं जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ है।
आईटी सेक्टर में हालिया तिमाही नतीजों के बाद बाजार की उम्मीदों से बेहतर संकेत मिले हैं।
बैंकिंग सेक्टर ने हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निफ्टी फिलहाल एक सीमित दायरे में फंसा हुआ दिखाई दे रहा है।
ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 85–87 डॉलर प्रति बैरल के बीच बने रहने से भारतीय बाजार में चिंता बढ़ी हुई है।
प्रदीप गुप्ता
वाइस चेयरमैन, आनंद राठी फाइनेंशियल
सेंसेक्स अगले 6 महीनों में करीब 84,250 और निफ्टी करीब 26,500 के स्तर तक पहुँच सकते हैं। अगले 12 महीनों के लिए सेंसेक्स का मेरा लक्ष्य 92,000 और निफ्टी का लक्ष्य 28,800 है।
प्रभात मित्तल
रिसर्च एनालिस्ट
भारतीय बाजार में निवेशकों को न तो जरूरत से ज्यादा आशावादी होना चाहिए और न ही अत्यधिक निराशावादी। मौजूदा परिस्थितियों में बेहतर रणनीति यह होगी कि अल्पावधि के कारोबार पर ध्यान दिया जाये और अच्छा प्रदर्शन कर रहे क्षेत्रों तथा शेयरों में ही अवसर तलाशे जायें। ऐसे कारोबार में सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना भी जरूरी है।
पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है।