भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूती दर्ज करने में सफल रहे। सेंसेक्स 142 अंकों की मजबूती के साथ 9,832 पर रहा, जबकि निफ्टी 60 अंकों की बढ़त के साथ 2,981 पर बंद हुआ। मजबूत वैश्विक संकेतों के मद्देनजर शेयर बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 132 अंकों की बढ़त के साथ खुला और एक समय इसकी बढ़त 258 अंकों की हो गयी थी। लेकिन उसके बाद दिन भर सेंसेक्स मात्र 200 अंकों के एक सीमित दायरे में घूमता रहा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई बाजार मजबूती दर्ज करने के बाद बंद हुए। जकार्ता कंपोजिट में 7.6% की भारी बढ़त दर्ज की गयी। जापान के निक्केई सूचकांक में 5.2% की मजबूती रही। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के सूचकांक कॉस्पी में 4.9% से अधिक की तेजी रही।
घर कर्ज पर लगने वाली ब्याज दरों में कमी की घोषणा के बाद रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में तेजी का रुख है। दोपहर 1.35 बजे बीएसई में ऑर्बिट कारपोरेशन में 12.5%, यूनिटेक में 9.9%, ओमैक्स में 9%, पेनिनसुला लैंड में 7%, पार्श्वनाथ डेवलपर्स में 6.9%, शोभा डेवलपर्स में 6.6% और डीएलएफ में 2.7% की मजबूती है।
टाटा स्टील और कोरस के विलय की संभावना वाली खबरों के चलते आज टाटा स्टील के शेयर भाव में जबरदस्त उछाल दिख रही है। आज सुबह बीएसई में टाटा स्टील 222.50 रुपये पर खुला, जो पिछले बंद भाव 217.90 रुपये की तुलना में करीब 2% ऊँचा था। दोपहर के कारोबार में इस शेयर ने अपनी मजबूती को और आगे बढ़ाया और 237.35 रुपये का ऊँचा स्तर छू लिया। लंदन के अखबार दी डेली मेल ने यह खास खबर दी है कि कोरस का विलय भारत की सबसे बड़ी स्टील कंपनी टाटा स्टील में हो सकता है।
2.31: शेयर बाजारों की मजबूती में कमी आती दिख रही है। इस समय सेंसेक्स करीब 136 अंकों की बढ़त के साथ 9,826 पर है। निफ्टी 55 अंकों की मजबूती के साथ 2,976 पर है। बीसई में धातु, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू सूचकांकों में करीब 4-6% की बढ़त है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज में 7.3%, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 7.28% और टाटा स्टील में 6.3% की मजबूती है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में करीब 5%, लार्सन एंड टुब्रो में 4.8% और ओएनजीसी में 3.8% की बढ़त है। रिलायंस कम्युनिकेशंस में 2.4% और टाटा पावर 1.8% की कमजोरी है।
बीते 15 सालों में पहली बार भारत के औद्योगिक उत्पादन का पहिया उल्टा घूम गया है। लोग सोच रहे थे कि अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन बढ़ने की दर पहले से कुछ धीमी हो कर 2-3% रहेगी, लेकिन यहाँ तो उत्पादन 0.4% घट गया। इन आंकड़ों के आने के बाद अब नवंबर महीने में भी स्थिति और बिगड़ने की आशंकाएँ जतायी जाने लगी हैं। कई विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि नवंबर में औद्योगिक उत्पादन करीब 1.5% तक घट सकता है।
15 दिसंबर 2008: एशियाई बाजारों में सप्ताह के पहले दिन के कारोबार की बेहतर शुरुआत होने से संभावना लग रही है कि हमारे शेयर बाजार भी मजबूती के साथ खुलेंगे। निफ्टी करीब 50-60 अंक और सेंसेक्स करीब 150 अंक ऊपर खुल सकते हैं। लेकिन इसके बाद बाजारों की दिशा इस बात से तय होगी कि अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) के आँकड़े कैसे आते हैं।
गुरुवार की रात को सीनेट द्वारा ऑटो दिग्गजों को राहत देने संबंधित पैकेज को अस्वीकृत कर दिये जाने के मद्देनजर शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा और एक समय डॉव जोंस 200 से अधिक अंक नीचे चला गया था। लेकिन सरकार की ओर से जारी इस बयान के बाद बाजारों में वापसी देखी गयी कि वह इन कंपनियों की मदद करने के लिए तैयार है।
अक्टूबर 2008 में औद्योगिक उत्पादन घटने के बाद जारी अपनी रिपोर्ट में सेंट्रम ब्रोकिंग ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से ब्याज दरों में कटौती और नकदी बढ़ाने के उपायों ने अब तक ज्यादा सहारा नहीं दिया है। सेंट्रम का मानना है कि ये कदम जरूरी थे, लेकिन ऋण जोखिम पर इनका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
अक्टूबर महीने के नकारात्मक औद्योगिक विकास दर के प्रति फिक्की ने निराशा व्यक्त की है और बेहतर विकास दर बनाये रखने के लिए दूसरा राहत पैकेज तुरंत लाये जाने की सरकार से माँग की है। फिक्की के महासचिव डॉक्टर अमित मित्रा ने कहा है कि हाल ही में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में किये गये सर्वेक्षण से ऐसे नतीजों की ही उम्मीद थी, ऐसी स्थिति में अक्टूबर महीने में औद्योगिक विकास दर में कमी से फिक्की को आश्चर्य नहीं हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार हल्की मजबूती के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 45 अंक यानी 0.46% की मजबूती के साथ 9,690 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 1 अंक की मजबूती के साथ 2,921 पर रहा। हालांकि कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से भारतीय बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार अपने निचले स्तरों से सँभल गये। एक समय 360 से अधिक अंक गिर चुका सेंसेक्स दोपहर बाद हरे निशान में आ गया।
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में आयी कमजोरी के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट रही। जापान के निक्केई सूचकांक में 5.56% की भारी गिरावट दर्ज की गयी, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 5.48% की कमजोरी रही।
दोपहर बाद के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार अपने निचले स्तरों से सँभले हैं। एक समय 360 से अधिक अंक गिर चुका सेंसेक्स दोपहर 2.42 बजे हरे निशान में दिखायी पड़ रहा है। आज जारी किये गये अक्टूबर महीने के औद्योगिक उत्पादन के नकारात्मक आंकड़ों के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में वापसी देखने को मिल रही है। अक्टूबर महीने में औद्योगिक विकास दर -0.4% रही है, जबकि पिछले साल अक्टूबर महीने में यह 12.2% रही थी।
नितिन फायर प्रोटेक्शन इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी लॉजिकॉन बिल्डिंग सिस्टम्स को 2.3 करोड़ रुपये का ठेका हासिल हुआ है। इसके तहत लॉजिकान द्वारा मेरियट कोर्टयार्ड अंधेरी में फायर एलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम्स उपलब्ध कराये जायेंगे। इस खबर का शेयर बाजार में इस कंपनी के शेयरों पर सकारात्मक असर दिख रहा है।
शुक्रवार को जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर महीने में औद्योगिक विकास दर -0.4% रही है, जबकि पिछले साल अक्टूबर महीने में यह 12.2% रही थी। इस साल सितंबर महीने में यह 4.8% दर्ज की गयी थी। कैपिटल गुड्स क्षेत्र में पिछले साल के अक्टूबर महीने के लगभग 21% की तुलना में इस साल अक्टूबर महीने में केवल 3.1% की वृद्धि दर्ज की गयी है।
देश की जानी-मानी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी नाल्को ने कनाडा की रियो टिंटो एल्कॉन (आरटीए) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। आरटीए वैश्विक स्तर पर बाक्साइट, एलुमिना और एल्युमिनियम के आपूर्ति से जुड़ी हुई है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।