सर्राफा में उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली होने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है और उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली हो सकती है।
सर्राफा में उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली हो सकती है।
सर्राफा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है, जबकि उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली हो सकती है।
सर्राफा की कीमतों के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। डॉलर के मजबूत होने से कीमतों पर दबाव रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 48,100 रुपये पर सहारा और 48,800 रुपये पर बाधा रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 48,300 रुपये पर सहारा और 48,900 रुपये पर अड़चन रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 48,900 रुपये पर सहारा और 49,700 रुपये पर बाधा रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,700 रुपये पर सहारा और 50,300 रुपये पर रुकावट रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,800 रुपये पर सहारा और 50,400 रुपये पर अड़चन रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 50,100 रुपये पर सहारा और 50,800 रुपये पर रुकावट रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 50,100 रुपये पर सहारा और 51,800 रुपये पर अड़चन रह सकता है।
सर्राफा में खरीदारी होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 51,100 रुपये पर सहारा और 52,200 रुपये पर रुकावट रह सकता है।
सर्राफा में निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है। जबकि डॉलर के कारोबार और एफएमओसी सदस्य बुलार्ड एंव कप्लान के भाषाणों से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा में निचले स्तर से थोड़ी जवाबी खरीद (शॉर्ट कवरिंग) होने की संभावना है, जबकि डॉलर के कारोबार, अमेरिकी सीपीआई और आज फेड की बैठक से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।