अमेरिकी शेयर बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों का असर मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में देखने को मिल रहा है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।
अमेरिकी शेयर बाजार से मिले मजबूत संकेतों के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार में तेजी है।
अमेरिकी शेयर बाजार से मिले अच्छे संकेतों के कारण गुरुवार को एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
गुरुवार को शरुआती कारोबार एशियाई बाजारों तेजी देखी जा रही है। सभी सूचकांक हरे निशान पर है।
बुधवार को शुरआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है।
अमेरिकी बाजार के बढ़त के साथ बंद होने के बाद बुधवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। जापान के निक्केई के अलावा सभी सूचकांक हरे निशान पर चल रहे है।
मंगलवार को शुरआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। ताइवान के अलावा बाकि सभी सूचकांक हरे निशान पर है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार में तेजी देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजार में तेजी है।
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार में तेजी देखने को मिल रही है।
ब्रेक्सिट के असर से विश्व के सभी बाजार अब उभरते दिख रहे है। अमेरिकी शेयर बाजार से मिले मजबूत संकेत के कारण गुरुवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।
ब्रेक्सिट का नकारात्मक असर अब वैश्विक बाजारों पर खत्म होता जा रहा है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। सभी सूचकांक हरे निशान पर है।
अमेरिकी शेयर बाजार के बढ़त के साथ बंद होने के बाद बुधवार को शुरआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। सभी सूचकांक हरे निशान पर है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिल रही है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।