कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार दिख रहा है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मिलीजुली शुरुआत हुई है।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिलीजुली शुरुआत हुई है।
कारोबारी सप्ताह के दूसे दिन मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख है।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुली स्थिति देखने को मिल रही है।
यूरो के पाँच महीने के निचले स्तर पर पहुँच जाने के बीच गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में स्थिति मिली-जुली है।
सोमवार को तकनीकी शेयरों के सहारे अमेरिकी बाजार में मजबूती के बाद मंगलवार को शुरुआती कारोबार में मिला-जुला कारोबार हो रहा है।
तुर्की की मुद्रा लीरा में गिरावट के कारण कल आयी भारी गिरावट के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख दिख रहा है।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मिली-जुली शुरुआत हुई है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिले-जुले निशान दिख रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में कल मजबूती के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मिले-जुले निशान दिख रहे हैं।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख दिख रहा है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है।
अमेरिका में लंबे समय से प्रतीक्षित कर सुधार योजना की शुरुआत के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिले-जुले निशान दिख रहे हैं।
बुधवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों मिला-जुला कारोबार दिख रहा है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।