कॉटन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 19,850-20,100 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 1,9750-1,9950 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है क्योंकि हाजिर बाजारों में आपूर्ति तेज होने लगी है।
कॉटन वायदा (अगस्त) की कीमतों को 16,250 रुपये के पास सहारा मिलने की उम्मीद है, जबकि कीमतों में 16,430 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से नरमी के रुझान पर कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतें 20,400-20,300 रुपये तक गिरावट दर्ज कर सकती है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों में 21,150 रुपये के पास रुकावट के साथ 20,900-20,800 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,300 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 21,200-21,900 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन (मार्च) कॉन्टैंक्ट की कीमतों में 21,910 रुपये के पास सहारा के साथ 22,140 रुपये तक तेजी जारी रह सकती है।
कॉटन वायदा (फरवरी) की कीमतों में तेजी का रुझान है और कीमतें 21,400-21,500 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती हैं।
कॉटन वायदा वायदा (फरवरी) की कीमतों के 21,000-21,180 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के तेजी के रुझान पर रोक लगने की संभावना है और कीमतें 19,500-20,500 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार कर सकती है।
कॉटन वायदा (फरवरी) की कीमतों के 22,400-22,550 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।