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ट्रेड डील पर अंतिम मुहर का इंतजार, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी क्यों है?

हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। शुरुआत में दबाव नजर आया, लेकिन अंत तक बाजार ने खुद को संभाल लिया और निफ्टी मजबूत स्तरों पर बंद हुआ।

सेठी फीनमार्ट के एमडी विकास सेठी का कहना है कि निवेशकों की नजर मुख्य रूप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर टिकी हुई है। 18% टैरिफ वाली इस डील को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है, फिर भी बाजार पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। वजह यह है कि अभी डील के विस्तृत प्रावधान यानी “फाइन प्रिंट” सामने आने बाकी हैं। जब तक समझौता पूरी तरह साइन, सील और लागू नहीं हो जाता, तब तक निवेशकों के मन में आशंका बनी रहेगी।

ट्रेड डील की घोषणा के दिन बाजार में जोरदार तेजी आई थी और निफ्टी ने सैकड़ों अंकों की छलांग लगाई थी, लेकिन उसके बाद तेजी ठंडी पड़ गई। इसका एक बड़ा कारण आईटी शेयरों में कमजोरी भी रही। अमेरिका की एआई कंपनी Anthropic द्वारा नए एआई टूल्स पेश किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनियों पर दबाव बना। इसका असर भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज पर भी पड़ा, जिनका इंडेक्स में भारी वेटेज है। आईटी शेयरों में गिरावट के कारण निफ्टी और सेंसेक्स पर दबाव दिखा, जबकि व्यापक बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहा।

अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील बिना किसी नकारात्मक शर्त के औपचारिक रूप से लागू हो जाती है, तो बाजार में नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है। भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है, जीडीपी वृद्धि दर बेहतर है, महंगाई नियंत्रण में है और सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए हुए है। हालिया बजट में विकास को प्रोत्साहन देने वाले कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते तथा घरेलू मांग को बढ़ाने के लिए नीतिगत पहलें सकारात्मक संकेत देती हैं।

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए एक चुनौती बनी हुई है। यदि वैश्विक धारणा में सुधार होता है और एफआईआई का रुख बदलता है, तो भारतीय बाजार पिछले वर्ष की अंडरपरफॉर्मेंस की भरपाई कर सकता है। कुल मिलाकर, यदि ट्रेड डील के अंतिम विवरण बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहते हैं, तो आने वाले सप्ताहों में निफ्टी नए उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है और निवेशकों को एक मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।


(शेयर मंथन, 17 फरवरी 2026)

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