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मजबूत शुरुआत के बाद बढ़त गंवाकर बाजार लगातार तीसरे दिन लाल निशान में बंद

वैश्विक बाजारों से बेहद अच्छे संकेत देखने को मिले। कल का बाजार अमेरिका के इतिहास में 2 साल में सबसे खराब साबित हुआ है। डाओ जोंस में 100 अंकों का नुकसान दिखा । डाओ जोंस में निचले स्तर से 200 और नैस्डैक में 500 अंकों का सुधार दिखा। एसऐंडपी 500 और नैस्डैक 3% से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए।

मजबूत शुरुआत के बाद बाजार गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर के करीब बंद

अमेरिकी बाजार में उछाल दिखा। डाओ जोंस करीब 0.5% की तेजी के साथ 185 अंक चढ़ कर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक में लगातार तीसरे दिन तेजी रही।

मजबूत शुरुआत के बाद बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 50 अंक टूटा

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को सकारात्मक शुरुआत के बाद बाजार में गिरावट आयी है।

मजबूत शुरुआत के बाद बाजार में ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली, निफ्टी 73, सेंसेक्स 73 अंक गिर कर बंद

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत देखने को मिले। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में फिर नए रिकॉर्ड्स बने। डाओ जोंस 40 अंक उछलकर नयी ऊंचाई पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 भी नए रिकॉर्ड पर बंद हुआ। IT शेयरों के बेहतर प्रदर्शन से नैस्डैक 0.6% उछलकर बंद हुआ।

मजबूत शुरुआत के बाद बाजार में भारी उठापटक, निफ्टी 16, सेंसेक्स 144 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों में अच्छा मूड दिखा। अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी खरीदारी दिखी। डाओ जोंस 430 अंक उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 ने नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं आईटी शेयरों में खरीदारी से नैस्डैक 0.6% ऊपर बंद हुआ।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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