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रिकॉर्ड ऊँचाई पर सेंसेक्स (Sensex), निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 7,954 पर

अगस्त वायदा सीरीज की एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स (Sensex) रिकार्ड ऊँचाई पर पहुँच गया।

रिकॉर्ड तेजी के साथ नवंबर वायदा का निपटान, सेंसेक्स, निफ्टी बैंक ने बनाया नया रिकॉर्ड

वैश्विक बाजार से अच्छे संकेत देखने को मिले हैं। अच्छे संकेत की वजह फेड मिनट्स रहे। फेड सदस्य दरें बढ़ाने की गति कम करने पर सहमत दिखे। वहीं कुछ सदस्यों ने दर वृद्धि की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर होने की चिंता व्यक्त की।

रिकॉर्ड वाले बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी 27, सेंसेक्स 98 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत देखने को मिले। शुक्रवार को भी अमेरिकी बाजारों में सकारात्मक खरीदारी दिखी। लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ डाओ जोंस 300 अंक उछलकर बंद हुआ। डाओ जोंस रिकॉर्ड ऊंचाई से सिर्फ 200 अंक दूर रह गया है। S&P 500 और नैस्डैक पर लगातार पांचवे दिन तेजी रही। S&P 500 अपने रिकॉर्ड ऊंचाई से सिर्फ 50 अंक दूर रह गया है।

रिकॉर्ड तेजी के साथ बंद बाजार, निफ्टी 81, सेंसेक्स 281 अंक चढ़कर बंद

वैश्विक बाजारों से से मिलेजुले संकेत देखने को मिले। डाओ जोंस 145 अंक गिर कर बंद हुआ। IT शेयरों में दबाव देखने को मिला। नैस्डैक में 130 अंकों की गिरावट रही।

रिकॉर्ड वाले बाजार में ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली, निफ्टी, सेंसेक्स सपाट बंद

वैश्विक बाजारों से स्थिर संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार के लिए अच्छा दिन रहा। उतार चढ़ाव वाले कारोबार के बीच डाओ जोंस 50 अंक ऊपर बंद हुआ।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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