स्नेहा अवस्थी जानना चाहते हैं कि उन्हें भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bharat Heavy Electricals) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि सरकारी इंजीनियरिंग और पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी बीएचएल एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। बीएचएल के मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि शेयर ने लंबे समय बाद अपने पुराने हाई लेवल्स को पार किया है, जिसे टेक्निकल भाषा में बड़ा ब्रेकआउट माना जाता है। लगभग 335 रुपये के ऊपर निकलने के बाद स्टॉक ने अपने पुराने ऑल टाइम हाई ज़ोन को भी पार किया और इससे बाजार में पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है।
इस ब्रेकआउट को तकनीकी नजरिए से देखें तो शेयर में अभी भी ऊपर की तरफ संभावनाएं दिखाई देती हैं। चार्ट पैटर्न के हिसाब से 425 से 440 रुपये के आसपास का स्तर अगला बड़ा रेजिस्टेंस बन सकता है। हालांकि इसके बाद स्टॉक में कूलिंग ऑफ या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। बाजार में यह माना जा रहा है कि फिलहाल स्टॉक का स्ट्रक्चर नेगेटिव नहीं है, लेकिन निवेशकों को रिस्क मैनेजमेंट के साथ चलना चाहिए। लगभग 350 रुपये का स्तर एक अहम सपोर्ट माना गया है। अगर शेयर इस स्तर के नीचे क्लोजिंग देने लगे तो कमजोरी बढ़ सकती है, लेकिन तब तक मोमेंटम सकारात्मक माना जा रहा है।
बीएचएल की तेजी के पीछे केवल तकनीकी संकेत ही नहीं बल्कि कंपनी के वित्तीय नतीजे भी बड़ी वजह बने हैं। हाल की तिमाही में कंपनी की बिक्री, ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मुनाफे में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। लंबे समय तक 7,000 से 9,000 करोड़ रुपये के दायरे में रहने वाली तिमाही सेल्स अचानक 10,000 करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच गई। ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट भी लगभग तीन गुना तक बढ़े हैं। इससे बाजार को संकेत मिला कि कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता में सुधार हुआ है और बड़े ऑर्डर्स का असर अब नतीजों में दिखने लगा है।
अगर सालाना आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और स्पष्ट होती है। कंपनी की बिक्री लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। कुछ साल पहले जहां सालाना सेल्स लगभग 23,000 करोड़ रुपये के आसपास थी, वहीं अब यह बढ़कर 35,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। इसके साथ ही कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है। पहले जहां मार्जिन करीब 5 प्रतिशत था, अब वह बढ़कर लगभग 7 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि कंपनी केवल अधिक बिक्री ही नहीं कर रही बल्कि बेहतर मुनाफे के साथ काम भी कर रही है।
निवेशकों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी। सबसे बड़ा जोखिम कंपनी का ऊंचा वैल्यूएशन है। बीएचएल लगभग 90 गुना प्राइस टू अर्निंग यानी P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो काफी महंगा माना जाता है। ऐसे वैल्यूएशन पर बाजार की उम्मीदें बहुत बढ़ जाती हैं। अगर आने वाली तिमाहियों में कंपनी के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे तो शेयर में तेज गिरावट भी आ सकती है। यही वजह है कि निवेशकों को केवल तेजी देखकर उत्साहित नहीं होना चाहिए बल्कि कंपनी की कमाई की निरंतरता पर भी नजर रखनी चाहिए।
बीएचएल में फिलहाल पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है और कंपनी के बिजनेस नतीजों में सुधार भी दिखाई दे रहा है। लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन और ओवरबॉट स्थिति के कारण जोखिम भी कम नहीं है। इसलिए निवेशकों को तकनीकी स्तर, कंपनी के नतीजे और अपने जोखिम उठाने की क्षमता, तीनों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।
(शेयर मंथन, 26 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)