ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) ने सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) पर अपनी ‘खरीद’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 65 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है, जो मौजूदा बाजार भाव 54 रुपये की तुलना में करीब 20% अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,456 मेगावॉट पवन टरबाइन डिलीवरी की, जो सालाना आधार पर 58% अधिक रही और कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वोच्च स्तर है। चौथी तिमाही में डिलीवरी 830 मेगावॉट रही, जिसे भारत में किसी भी तिमाही के लिए रिकॉर्ड स्तर बताया गया है।
कंपनी की समेकित आय (नेट सेल्स) वित्त वर्ष 2025-26 में 53.6% बढ़ कर 16,731.8 करोड़ रुपये रही, जबकि एबिटा (EBITDA) 62.7% बढ़ कर 3,022.4 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। सालाना एबिटा मार्जिन 18.1% रहा, जो पिछले वर्ष के 17.1% से 1% अंक अधिक है। समायोजित कर-पूर्व लाभ 2,351.7 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,937.8 करोड़ रुपये रहा।
चौथी तिमाही में कंपनी की आय 45% बढ़ कर 5,493.3 करोड़ रुपये रही। एबिटा 39% बढ़ कर 964 करोड़ रुपये और समायोजित लाभ 31% बढ़ कर 764.4 करोड़ रुपये रहा।
मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 5,697 मेगावॉट रही, जो वित्त वर्ष 2025-26 की डिलीवरी का लगभग 2.3 गुना है। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष के दौरान 3 गीगावॉट से अधिक के नये ऑर्डर मिले। रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्डर बुक में ईपीसी का हिस्सा सितंबर 2025 के 20% से बढ़ कर मार्च 2026 में 28% हो गया है। कंपनी का लक्ष्य इसे वित्त वर्ष 2027-28 तक 50% पर ले जाने का है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने ऑर्डर बुक में संभावित वृद्धि के लिए 20-23 गीगावॉट की परियोजना पाइपलाइन की पहचान की है, जिसमें लगभग 8 गीगावॉट सक्रिय विकास चरण में है। आंध्र प्रदेश में 2.1 गीगावॉट क्षमता से जुड़े विकास अधिकार (डेवलपमेंट राइट्स) को 24 महीने का विस्तार मिला है। इनमें 775 मेगावॉट क्षमता एफडीआरई टैरिफ निर्धारण की प्रतीक्षा में है, जबकि शेष 1,325 मेगावॉट क्षमता को ईपीसी अनुबंधों के रूप में अगले छह महीनों में मुद्रीकृत (मोनेटाइज) करने की योजना है।
कंपनी ने बताया है कि 971 मेगावॉट क्षमता के टरबाइन स्थापित किये जा चुके हैं, लेकिन उनका चालू होना (कमीशनिंग) बाकी है। इनमें लगभग 350 मेगावॉट परियोजनाएँ ग्राहक पक्ष की अंतिम कनेक्टिविटी का इंतजार कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार इससे वित्त वर्ष 2026-27 में कमीशनिंग में तेजी आने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ‘सुजलॉन 2.0’ रणनीति के तहत पवन, सौर और स्टोरेज सहित संपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। हाल ही में कंपनी ने मैड्रिड में आयोजित विंड यूरोप सम्मेलन में ‘ब्लूस्काई’ प्लेटफॉर्म का आरंभ किया, जिससे यूरोप और निर्यात बाजारों में उसकी वापसी का संकेत मिला है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि हाइब्रिड और एफडीआरई परियोजनाओं की बढ़ती माँग के चलते अगले 2-3 वर्षों में पवन ऊर्जा क्षेत्र का परिदृश्य मजबूत बना रहेगा।
मंगलवार, 26 मई 2026 को एनएसई में सुजलॉन का शेयर 0.59 रुपये या 1.09% की मजबूती के साथ 54.58 रुपये पर बंद हुआ। बीते कुछ वर्षों में सुजलॉन के कामकाज में सुधार के साथ शेयर बाजार में इसके प्रति धारणा काफी बदल गयी है। जहाँ बीते 3 वर्षों में निफ्टी मिडकैप 50 में 88.16% की तेजी रही है, वहीं इस दौरान सुजलॉन का शेयर 446.00% भागा है। इसी तरह, बीते 5 वर्षों में निफ्टी मिडकैप 50 में 149.02% की तेजी के मुकाबले सुजलॉन का शेयर 909.24% की जोरदार उछाल दर्ज करने में सफल रहा है। (शेयर मंथन, 26 मई 2026)
सुजलॉन पर अविनाश गोरक्षकर का नजरिया
अविनाश मेंटर रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि एक समय पर बेहद दबाव में रहने वाली सुजलॉन अब टर्नअराउंड स्टोरी बन चुकी है। देखें इस वीडियो में सुजलॉन पर अविनाश गोरक्षकर की राय।
(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)