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शेयर बाजार

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में हल्की कमजोरी

शुक्रवार 15 जनवरी को बाजार थोड़ी बढ़त के साथ खुला, लेकिन जल्द ही लाल निशान पर आ गया।

गुरुवार को अमेरिकी बाजार तेज, डॉव जोंस (Dow Jones) 228 अंक चढ़ा

गुरुवार 14 जनवरी को अमेरिकी शेयर बाजार में शुरुआती सुस्ती के बाद अच्छी मजबूती आ गयी। कच्चे तेल की कीमतों में कुछ मजबूती लौटने से तेल-गैस कंपनियों के शेयरों में तेजी रही और इसका सकारात्मक असर बाजार की धारणा पर दिखा।

गुरुवार को तीखे उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स (Sensex) 81 अंक नीचे बंद

आज गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने खराब वैश्विक संकेतों के बीच कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। मगर इसके बाद यह निचले स्तरों से काफी सँभला और दोपहर तक हरे निशान में ठीक-ठाक बढ़त पर आ गया।

आज सुबह एशियाई बाजारों में तीखी गिरावट, बुधवार को डॉव जोंस 365 अंक टूटा

आज सुबह तमाम वैश्विक बाजारों के संकेत नकारात्मक हैं। कल बुधवार को अमेरिकी बाजार में काफी कमजोरी आयी और आज सुबह एशियाई बाजारों में भी चौतरफा लाली है।

निचले स्तरों से जोरदार वापसी, सेंसेक्स 172 अंक ऊपर बंद

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद इसमें तीखी गिरावट दर्ज की गयी, मगर अंतिम घंटों में यह निचले स्तरों से तेजी से सँभला।

मंगलवार को अमेरिकी बाजार में मजबूती, डॉव जोंस (Dow Jones) 118 अंक चढ़ा

मंगलवार 12 जनवरी को अमेरिकी शेयर बाजार में शुरुआती मजबूती के बाद सत्र के मध्य में कमजोरी आ गयी थी, मगर अंत में यह फिर से मजबूत हो गया।

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कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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