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कंपनियों की सुर्खियाँ

रिलायंस पावर (Reliance Power) के तिमाही मुनाफे में 16% इजाफा

सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में रिलायंस पावर (Reliance Power) के मुनाफे में 16% का इजाफा हुआ।

यस बैंक (Yes Bank) खोलेगा लंदन और सिंगापुर में दो अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि कार्यालय

यस बैंक (Yes Bank) को लंदन तथा सिंगापुर में दो अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि कार्यालय खोलने के लिए आरबीआई (RBI) की मंजूरी मिल गयी है।

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : टीसीएस, सीएंट, इंडियन मेटल्स, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और सास्केन टेक्नोलॉजीज

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें टीसीएस, सीएंट, इंडियन मेटल्स, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और सास्केन टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

टीसीएस (TCS) का मुनाफा बढ़कर 6,904 करोड़ रुपये

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की सबसे बड़ी भारतीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का जनवरी-मार्च 2018 तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 6,904 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि के इसके मुनाफे के मुकाबले 4.48% अधिक है।

इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स का स्वामित्व मिलेगा वेदांत (Vedanta) को

नये दिवालिया कानून (Insolvency and Bankruptcy Code) या आईबीसी के तहत इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स (Electrosteel Steels) पहली ऐसी कंपनी बन गयी है, जिसका स्वामित्व हस्तांतरण करने को मंजूरी दे दी गयी है।

इन्फोसिस (Infosys) के नतीजों से निराशा, शेयर 3% से ज्यादा लुढ़का

इन्फोसिस के तिमाही नतीजे शुक्रवार की शाम को जारी होने के बाद आज सुबह शेयर बाजार में इस पर निराशाजनक प्रतिक्रिया दिख रही है।

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कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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