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साल 23-24 की पहली छमाही में आईपीओ से धन उगाही 26% घटी : प्राइमडाटाबेस

प्राथमिक बाजार के आँकड़ों पर काम करने वाली देश की प्रमुख संस्था प्राइमडाटाबेस डॉट कॉम के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में 31 भारतीय कॉर्पोरेट्स ने प्रथम सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से 26,300 करोड़ रुपये की पूँजी जुटायी। यह पिछले साल की समान अवधि में 14 आईपीओ के माध्यम से जुटायी गयी 35,456 करोड़ रुपये की पूँजी से 26% कम है। हालाँकि पिछले साल आये भारतीय जीवन बीमा निगम के आईपीओ को छोड़ दिया जाये तो आईपीओ से धन उगाही पिछले साल के मुकाबले 76% बढ़ी है।

Dee Development Engineers ने आईपीओ के लिए सेबी को दस्तावेज सौंपे

पाइपिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स (Dee Development Engineers Ltd) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से पूँजी जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी को दस्तावेज सौंपे हैं।

हीरो मोटोकॉर्प के चुनिंदा दोपहिया के दाम मंगलवार से एक फीसदी बढ़ जायेंगे

देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp Ltd) ने चुनिंदा दोपहिया मॉडलों के दाम मंगलवार से एक फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है।

RBI ने 2000 रुपये के नोट वापस करने की आखिरी तारीख बढ़ाई, अब 7 अक्तूबर तक कर सकते हैं जमा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2000 रुपये के नोट बदलने या वापस करने की आखिरी तारीख शनिवार (30 सितंबर 2023)से बढ़ाकर 07 अक्तूबर 2023 कर दी है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि नोट वापसी के लिए निर्दिष्ट अवधि समाप्त हो गई है। केंद्रीय बैंक ने समीक्षा के आधार पर, 2000 रुपये के बैंक नोटों को जमा/विनिमय करने की मौजूदा तिथि को 07 अक्टूबर, 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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