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मई में विनिर्माण पीएमआई में गिरावट, 3 महीने के निचले स्‍तर पर आयी

व‍िनिर्माण क्षेत्र की आर्थिक गतिव‍िधि के मुख्‍य संकेतक विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई (पर्चेज‍िंंग मैनेजर्स इंडेक्‍स) में मई के म‍हीने में गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान ये सूचकांक तीन महीने के निचले स्‍तर 57.6 पर आ गया है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के बाद ये नरमी दर्ज की गयी है। 

वार्षिक जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) आशाओं के अनुरूप, 2025-26 में भी 6.5% वृद्धि की आशा

धर्मकीर्ति जोशी

मुख्य अर्थशास्त्री, क्रिसिल

वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (रियल जीडीपी) ने आशाओं के अनुरूप वित्त-वर्ष 2024-25 में 6.5% की वृद्धि दर्ज की है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2023-24 के 3.6 लाख करोड़ डॉलर से बढ़ कर (2024-25 के अंत में) 3.9 लाख करोड़ डॉलर हो गया। वहीं नामित वृद्धि (नोमिलन ग्रोथ) एकल अंक में 9.8% पर रही।

ट्रंप टैरिफ रद्द करने का आदेश संघीय न्यायालय ने पलटा

अमेरिका में टैरिफ की गेंद बार-बार इस पाले से उस पाले में जा रही है। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इन शुल्कों को लेकर बार-बार बदलती हुई घोषणाएँ करते रहे, कभी बढ़ाते कभी घटाते रहे। अब अदालतों में एक दिन यह टैरिफ रद्द हो रहा है, तो अगले ही दिन बहाल हो जा रहा है।

अनुमानों से बेहतर आर्थिक वृद्धि दर, चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि में शानदार उछाल

भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त-वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में 7.4% की शानदार वृद्धि दर हासिल की है, जो विशेषज्ञों के लगभग 6.7% के अनुमान से काफी बेहतर है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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