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अप्रैल में एनएसई ने पार किया 22 करोड़ निवेशक खातों का आँकड़ा 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अप्रैल 2025 में एक और मील का पत्थर पार किया है और इसके निवेशक खातों की संख्या बढ़कर 22 करोड़ के आगे निकल गयी है। एक्सचेंज ने एक विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारी दी। इसके मुताबिक यूनीक क्लाइंट कोड्स (यूसीसी) में महज 6 महीने की अवधि में 20 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 

ज्वाइंट होम लोन के लिए करना है आवेदन? क्या हैं इसके फायदे और नुकसान

अगर आप भी अपना घर खरीदने का सोच रहे हैं और होम लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। लोग घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं और किस्तों में उसको चुकाते हैं। लेकिन क्रेडिट स्कोर सही नहीं होने पर कोई बैंक जल्दी लोन नहीं देता है। ऐसे में लोन के लिए क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए। ऐसे मामलों में ज्वाइंट होम लेना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। आप ज्वाइंट होम लोन में बैंकों से ज्यादा लोन ले सकते हैं।

अब नहीं दिखाना पड़ेगा आधार कार्ड, क्यूआर कोड से हो जाएगा वेरिफिकेशन

डिजिटल सुविधा और गोपनीयता की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है और नया आधार ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप से यूजर्स को अपने आधार जानकारियों को डिजिटल तरीके से सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी। इससे आधार कार्ड ले जाने या फोटोकॉपी जमा करने की आवश्यकता खत्म हो जायेगी।

मार्च में भी खूब चमका सोना, शुल्क के डर से एक महीने में आयी 10% तेजी

पीली धातु सोने की कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जब दुनिया भर के शेयर बाजार गिर रहे हैं, सोने की चमक लगातार बढ़ रही है। यह क्रम मार्च महीने में भी बना रहा। एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि मार्च महीने में सोने की कीमतों में करीब 10% की तेजी आयी, जबकि इस दौरान अमेरिकी डॉलर में नरमी देखी गयी।

आरबीआई का रुख नरम, लेकिन विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाला : पुनीत पाल

पीजीआईएम म्यूचुअल फंड के हेड फिक्स इनकम पुनीत पाल ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली मौद्रिक नीति में आरबीआई के रुख को नरम, लेकिन विकास पर ध्यान देने वाला बताया है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत दरों में 25 आधार अंक (बीपीएस) की कटौती करने की घोषणा की, जिसकी बाजार को पहले से उम्मीद थी। साथ ही उसने मौद्रिक नीति पर अपने रुख को सतर्क से उदार भी किया, जिसका बाजार ने अनुमान नहीं लगाया था और ये बाजार के लिए सुखद आश्चर्य की तरह आया। नीतिगत दरें घटाने और रुख को उदार में बदलने का फैसला एमपीसी ने सर्वसम्मति से लिया। 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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