शेयर मंथन में खोजें

सोमवार 29 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि ब्याज दरों में कमी तभी संभव है जब महँगाई में नरमी के संकेत दिखने लगेंगे।

आरबीआई (RBI) सालाना रिपोर्ट : महँगाई घटने पर ही ब्याज दर में कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) यानी आरबीआई (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि महँगाई अभी भी उसके लक्ष्य की ऊपरी सीमा पर है। आरबीआई ने माना है कि अर्थव्यवस्था के सभी सहभागी यह चाहते हैं ब्याज दरों में कमी हो, लेकिन आरबीआई का कहना है कि यह तभी संभव है जब महँगाई में नरमी के संकेत दिखने लगेंगे।

शुक्रवार 26 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में टाटा मोटर्स (Tata Motors) का शुद्ध लाभ 57.25% घट कर 2,260.40 करोड़ रुपये हो गया है।

गुरुवार 25 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने कहा है कि बेहतर मॉनसून, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, प्रमुख सुधारों और विदेशी निवेश प्रवाह के चलते मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.9% रहने का अनुमान है।

बुधवार 24 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के निदेशक मंडल ने बैंक को बतौर अतिरिक्त टियर 1 पूँजी 11,100 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस पूँजी को रुपये या डॉलर में ऋण साधनों द्वारा विदेशी या भारतीय निवेशकों से एक या इससे अधिक किस्तों में जुटाया जायेगा।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख