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नवंबर में दोगुनी हुई खाद्य महँगाई दर

नवंबर माह में थोक महँगाई दर (डब्लूपीआई) और खाद्य महँगाई दर बढ़ गयी है। हालाँकि थोक महँगाई दर अभी भी ऋणात्मक बनी हुई है।

नवंबर में थोक महँगाई दर बढ़कर -1.99% रही है जबकि अक्टूबर में -3.81% रही थी। इस दौरान खाद्य महँगाई दर में तेज वृद्धि हुई है। नवंबर में खाद्य महँगाई दर बढ़ कर 5.2% रही है जो अक्टूबर में 2.44% रही थी। मासिक आधार पर नवंबर में गैर-खाद्य वस्तुओं की महँगाई दर 5.10% से बढ़ कर 6.33% रही है। मासिक आधार पर नवंबर में सब्जियों की महँगाई दर 2.56% से बढ़ कर 14.08% रही है। मासिक आधार पर दालों की महँगाई दर 52.98% से बढ़ कर 58.17% और प्याज की महँगाई दर 85.60% से घट कर 52.69% रही है।
मासिक आधार पर नवंबर में ईंधन महँगाई दर -16.32% से बढ़ कर -11.09%, प्राथमिक वस्तुओं की महँगाई दर -0.63% से बढ़ कर 2.27% और मैन्युफैक्चरिंग की महँगाई दर -1.67% से बढ़ कर -1.42% रही है।
निवेश के लिए माँग की जरूरत : फिक्की
थोक महँगाई दर के इन आँकड़ों पर फिक्की के महासचिव डॉ. ए. दीदार सिंह ने कहा कि मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में कीमतें दबाव में बनी हुई हैं जो कमजोर माँग स्थिति को दर्शाता है। टिकाऊ सुधार देखने के उद्देश्य से निवेश के लिए गर्मी पैदा करने की दृष्टि से माँग की जरूरत है। खाद्य क्षेत्र, खास कर सब्जियों और दालों की कीमतें में वृद्धि जारी रहने के संकेत हैं। हालाँकि सरकार खाद्य स्थिति पर नजर रखे हुए है, हमे कृषि क्षेत्र सुधारों को और गति मिलने की उम्मीद हैं। (शेयर मंथन, 14 दिसंबर, 2015)

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