शेयर मंथन में खोजें

कमलनाथ के बाद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने की किसानों के 61 अरब रुपये के कर्जमाफी की घोषणा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटों के भीतर ही भूपेश बघेल ने सोमवार को किसानों के 61 अरब रुपये के कृषि ऋण को माफ करने की घोषणा की।

नई सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1,700 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति कुंतल करने का भी फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की और कृषि ऋण को माफ करने का ऐलान किया, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के 16 लाख किसानों को मिलेगा।
विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कृषि ऋण माफ करने का कांग्रेस ने एक बड़ा वादा किया था, जिससे 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 68 सीटें जिताने में मदद की।
किसानों के प्रतिनिधि निकायों द्वारा कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की व्यापक रूप से प्रशंसा की गयी है।
मुख्यमंत्री के रूप में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बघेल ने मीडिया के लोगों को मंत्रिमंडल के फैसले के बारे में जानकारी दी और कहा कि उन्होंने मई 2013 में बस्तर में झीरम घाटी नरसंहार के पीछे षड्यंत्र को सुलझाने के लिए एसआईटी बनाने का फैसला किया है, जिसमें कई कांग्रेस नेता मारे गए थे, उनमें तत्कालीन राज्य कांग्रेस प्रमुख नंदकुमार पटेल, वी सी शुक्ला और जनजातीय नेता महेंद्र कर्मा शामिल थे।
इसके पूर्व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही किसानों का ऋण माफ करने की घोषणा की थी। जिन तीनों राज्यों में कांग्रेस को जीत मिली है, उन सभी राज्यों में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ करने का वचन दिया था। जिसमें कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही कृषि ऋण माफ करने का ऐलान किया गया। अब राजस्थान की बारी है। राजस्थान में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया गया है। (शेयर मंथन, 18 दिसंबर 2018)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख