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अमेरिकी बाजार 1997 के स्तरों पर लौटे

अमेरिकी बैंकों ने हिस्सेदारी बढ़ाने की सरकारी योजना ने निवेशकों में दहशत फैला दी है। पिछले हफ्ते करीब 6% फिसलने के बाद नये हफ्ते की शुरुआत में प्रमुख अमेरिकी सूचकांक फिर टूटे। आज सुबह सारे एशियाई बाजार भी काफी कमजोरी दिखा रहे हैं।

अमेरिकी सरकार ने संकट में फंसे बैंकों को बचाने की एक नयी योजना का खाका बनाना शुरू कर दिया है। लेकिन इस योजना ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ाया ही है, क्योंकि इसके तहत सरकार बैंकों में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ाने की सोच रही है। निवेशकों में यह डर है कि सिटीग्रुप समेत कई बैंक राष्ट्रीयकरण की ओर बढ़ सकते हैं। सोमवार की बड़ी गिरावट के साथ डॉव जोंस और एसएंडपी लगभग 12 सालों के सबसे निचले स्तरों पर आ गये हैं। हालाँकि दिलचस्प बात यह रही कि खुद बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों, जैसे सिटीग्रुप और बैंक ऑफ अमेरिका ने अच्छी मजबूती हासिल की। अमेरिकी बाजार में यह डर भी फैला रहा कि एआईजी अब तक के ऐतिहासिक तिमाही घाटा सामने रख सकती है। विश्लेषकों का अनुमान है कि एआईजी का तिमाही घाटा 60 अरब डॉलर का हो सकता है। एआईजी को सितंबर 2008 में अमेरिकी सरकार ने अपने हाथों में ले लिया था। आईटी क्षेत्र को लेकर भी निवेशकों में बेचैनी रही। इस बीच नाइमेक्स में कच्चे तेल 1.59 डॉलर गिर कर 38.44 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
आज सुबह एशियाई बाजारों में भी तीखी गिरावट है। निक्केई, हैंग सेंग, स्ट्रेट टाइम्स, कॉस्पी और शंघाई कंपोजिट में 2-4% तक की कमजोरी है। ताइवान वेटेड और जकार्ता कंपोजिट भी 1% से ज्यादा फिसले हैं। सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में निफ्टी वायदा कल एनएसई में निफ्टी के बंद स्तर से लगभग 50 अंक नीचे 2685 के आसपास चल रहा है।

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