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रियल्टी क्षेत्र के शेयर उछले

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में बढ़त का रुख है। आज सुबह 11.42 बजे बीएसई रियल्टी सूचकांक में 5.11% की मजबूती है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा उछाल डीएलएफ के शेयर भाव में है, जो 6.4% की बढ़त के साथ 148.85 पर है। इंडियाबुल्स रियल में 6% और यूनिटेक में 5.1% की मजबूती है। अनंतराज इंडस्ट्रीज में 4.8% और एचडीआईएल में 4% और आकृति सिटी में 3.9% की बढ़त है। 

बीईएमएल के शेयरों में तेजी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के शेयर भाव में मजबूती का रुख है। आज के कारोबार में 405 रुपये का ऊँचा स्तर छूने के बाद कंपनी का शेयर भाव सुबह 11.37 बजे करीब 7.34% की उछाल के साथ 398.35 रुपये पर है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को सूचित किया है कि इसे बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से 150 मेट्रो कोच बनाने का ठेका हासिल हुआ है। 

एक सीमित दायरे में सेंसेक्स

11.15: मंगलवार की सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में संवेदी सूचकांक सेंसेक्स एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है। आज  सुबह सेंसेक्स की शुरुआत 9,590 पर हुई और तब से अब तक यह मात्र 110 अंकों के सीमित दायरे में है। इस समय यह कल के बंद स्तर से 78 अंक चढ़ कर 9,662 पर है। डीएलएफ में 7% की मजबूती है।

2950-3000 के ऊपर जाने की उम्मीद नहीं

अंबरीश बालिगा, वीपी, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग

आज सुबह भारतीय बाजारों की शुरुआत सपाट से सकारात्मक रह सकती है। एशियाई बाजारों के संकेत मिले-जुले हैं, जिसका शुरुआती कारोबार पर असर होगा। हो सकता है कि इसके बाद थोड़ी तेजी भी दिखे, लेकिन मध्यम अवधि की ऊपरी सीमा के पास जाते ही बिकवाली उभरेगी। बाजार में ज्यादा लोगों को उम्मीद नहीं है कि निफ्टी 2,950-3,000 के ऊपर जा सकता है। इसलिए लोग ऊँचे स्तरों का इंतजार नहीं करेंगे, पहले ही बिकवाली आ जायेगी।
फिलहाल बाजार को अमेरिका की राहत योजना का इंतजार है, जिसके आज रात सामने आने की उम्मीद है। उससे पहले बाजार में शायद ज्यादा हलचल नहीं हो। चुनाव सामने होने के चलते बाजारों में अनिश्चितता रहेगी, इसलिए हम छोटी अवधि में किसी बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।

अब कितना नमक लगायेंगे विकास के अनुमानों पर!

राजीव रंजन झा

सरकार या आरबीआई की ओर से हाल में जब भी विकास दर के अनुमान सामने रखे गये, विश्लेषकों का एक बड़ा समूह मानता रहा कि इन अनुमानों को एक चुटकी नमक के साथ ही लेना चाहिए। कहने का मतलब यह कि इन आँकड़ों को पूरी तरह से पक्का नहीं माना जा सकता। लेकिन अब जिस तरह से सरकारी अनुमानों और विश्लेषकों के अनुमानों का फर्क बढ़ता जा रहा है, उसे देख कर कहना होगा कि शायद विश्लेषकों को अब अपनी चुटकी में नमक की मात्रा थोड़ी घटानी होगी।

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