रियल्टी बाजार की हकीकत
राजीव रंजन झा
डीएलएफ के तिमाही नतीजे आने के बाद से ही पूरे जमीन-जायदाद (रियल्टी) क्षेत्र के शेयरों की जबरदस्त पिटायी हो रही है। केवल बीते 2 दिनों में डीएलएफ 25% टूट चुका है और अपने 52-हफ्तों के सबसे निचले स्तर को छू रहा है। अभी महीने भर पहले ही 5 जनवरी को इसने 310 का जो ऊँचा स्तर बनाया था, वहाँ से यह 57% की चोट खा चुका है। इस क्षेत्र के बाकी शेयरों की हालत कुछ अलग नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व चेयरमैन बी रामलिंग राजू और उनके भाई रामा राजू से पूछताछ की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, न्यायाधीश पी. सतशिवम और जेएम पंचाल की बेंच ने सेबी को यह अनुमति दी है कि सेबी की एक टीम आंध्र प्रदेश की चंचलगुडा केंद्रीय जेल में जाकर तीन दिनों तक राजू बंधुओं से सत्यम मामले से संबंधित पूछताछ कर सकती है।
मेतास इन्फ्रा के शेयरों के पिटने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में भी इसने लोअर सर्किट छू लिया है। इस तरह यह अब तक लगातार अठारह कारोबारी सत्रों में लोअर सर्किट छू चुका है। खबर है कि उड़ीसा में प्रस्तावित 1050 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना में मेतास इन्फ्रा के संयुक्त उपक्रम के साझेदार केवीके एनर्जी ने इसकी 25.5% हिस्सेदारी खरीद ली है। इस तरह मेतास इन्फ्रा इस परियोजना से बाहर हो गया।