भारत वायर (Bharat Wire) के निदेशक मंडल ने लिये बड़े फैसले
आज भारत वायर (Bharat Wire) के निदेशक मंडल की बैठक हुई।
आज भारत वायर (Bharat Wire) के निदेशक मंडल की बैठक हुई।
माइंडट्री (Mindtree) ने 26 अप्रैल को बतौर रिकॉर्ड तिथि तय किया है।
आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति और विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं चीन तथा अमेरिका के बीच व्यापार तनाव के कारण चालू वित्त वर्ष के पहले सप्ताह में शेयर बाजार काफी अस्थिर रहा।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) ने इक्विटी शेयरों का आवंटन किया है।
डीएसपी ब्लैकरॉक म्यूचुअल फंड (DSP Blackrock Mutual Fund) ने शुक्रवार को बीएसई पर 5,72,000 लाख शेयर खरीदे।
आईडीएफसी म्यूचुअल फंड (IDFC Mutual Fund) और रिलायंस म्यूचअल फंड (Reliance Mutual Fund) ने शुक्रवार को बीएसई (BSE) में मैग्मा फिनकॉर्प (Magma Fincorp) के शेयर खरीदे।
ओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने सोमवार 09 अप्रैल के एकदिनी कारोबार के लिए कंटेनर कॉर्पोरेशन (Container Corporation), भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum), कमिंस इंडिया (Cummins India) के शेयर खरीदने और हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), इन्फोसिस (Infosys) के शेयर बेचने की सलाह दी है।
पाइप निर्माता कंपनी अपोलो पाइप्स (Apollo Pipes) ने अपने नये संयंत्र में व्यवसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
पिरामल एंटरप्राइजेज (Piramal Enterprises) की सहायक कंपनियों की विलय योजना को एनसीएलटी ने हरी झंडी दिखा दी है।
बल्लारपुर इंडस्ट्रीज (Ballarpur Industries) ने अपनी मलेशियाई इकाई सबाह फोरेस्ट इंडस्ट्रीज (Sabah Forest Industries) की बिकवाली के लिए सौदा किया है।
देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता विप्रो (Wipro) ने अपनी एक साझा कंपनी (Joint Venture) में 63% हिस्सेदारी बेच दी।
डीएचएफएल (DHFL) ने 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनायी है।
श्री रेणुका शुगर्स (Shree Renuka Sugars) के निदेशक समूह ने शुक्रवार को कंपनी के ब्राजीली कारोबार को बेचने की मंजूरी दे दी।
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने आईटीसी (ITC) द्वारा पेप्सिको (Pepsico) और डाबर (Dabur) के जूसों के खिलाफ विज्ञापनों का प्रकाशन और प्रसारण करने पर रोक दी है।
देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता भारती एयरटेल (Bharti Airtel) आईपीएल (IPL) मैचों के स्थानों पर अपनी नेटवर्क क्षमता में 7 गुना तक वृद्धि करेगी।
रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) को उच्चतम न्यायालय के बाद एनसीएलएटी (NCLAT) ने संपत्ति बिक्री के लिए सशर्त मंजूरी दे दी है।