आय वृद्धि 2016-17 की दूसरी छमाही से
आनंद टंडन, निदेशक, ग्रिफन एडवाइजर्स
आने वाले समय में सूचकांक नकारात्मक रुझान के साथ एक दायरे में रहेगा। जब थोक महँगाई फिर से बढऩी शुरू होगी, उसके बाद आर्थिक वृद्धि फिर से दिखनी शुरू हो सकती है।
आनंद टंडन, निदेशक, ग्रिफन एडवाइजर्स
आने वाले समय में सूचकांक नकारात्मक रुझान के साथ एक दायरे में रहेगा। जब थोक महँगाई फिर से बढऩी शुरू होगी, उसके बाद आर्थिक वृद्धि फिर से दिखनी शुरू हो सकती है।
अमित खुराना, इक्विटी प्रमुख, दौलत कैपिटल
भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक यह है कि मूल्यांकन अभी उचित दायरे में हैं। साथ ही ब्याज दरों के चक्र में अभी दरें और घटने की गुंजाइश है।
अमित गोयल, मुख्य रणनीतिकार, पेस 360 डिग्रीज
मेरा मानना है कि साल 2016 की दूसरी छमाही काफी मंद रहने वाली है। सेंसेक्स जून 2016 तक 23,000 और दिसंबर 2016 तक 21,000 की ओर फिसल जायेगा।
अंबरीश बालिगा, बाजार विश्लेषकमुझे 2016 में भारतीय बाजारों में अच्छी धारणा रहने की उम्मीद है। पहली छमाही में मँझोले और छोटे शेयर अग्रणी बने रह सकते हैं, लेकिन आमदनी बढऩे पर दिग्गज शेयर तेजी की अगुवाई कर सकते हैं।
मुझे बाजार सकारात्मक लग रहा है। हालाँकि बीच-बीच में गिरावटें आयेंगी, जिन्हें तकनीकी और बुनियादी रूप से मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को खरीदने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
साल 2016 में पहली छमाही में कुछ तेजी दिख सकती है, जो बाद में शांत हो जाने की संभावना रहेगी। खास क्षेत्रों और शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।
विवेक नेगी, निदेशक, फिनेथिक वेल्थ सर्विसेजसरकार ने जो अब तक जो कदम उठाये हैं, उनका असर 2017 से दिखना शुरू हो जायेगा। साल 2016 के अंत तक सेंसेक्स 34,000 पर पहुँचने की उम्मीद है।
विनोद शर्मा, एचडीएफसी सिक्योरिटीजमुझे उम्मीद है कि अगली तिमाही के बाद आर्थिक विकास दर में सुधार होगा। हाल के आँकड़े अच्छे रहे हैं। विकास दर और कंपनियों की आय में वृद्धि दिखने पर भारतीय बाजार की रीरेटिंग हो जायेगी।
विनय गुप्ता, निदेशक, ट्रस्टलाइन सिक्योरिटीजमैं भारत के बारे में बहुत नकारात्मक नहीं हूँ, फिर भी वैश्विक बाजारों, खास कर चीन और यूरो जोन में गड़बड़ी आने से भारत पर भी असर पड़ेगा।
विजय चोपड़ा, एमडी, इनोच वेंचर्सभारतीय बाजार घरेलू माँग के जरिये तेजी पर रहेंगे और भारत कमोडिटी एवं कच्चे तेल की कम कीमतों से लाभान्वित होगा। सरकार को सुधार एजेंडा और व्यापार सुगमता पर जम कर काम करना चाहिए।
विजय भूषण, पार्टनर, भारत भूषण ऐंड कंपनीमुझे उम्मीद है कि वर्ष 2015 के नकारात्मक प्रतिफल के मुकाबले वर्ष 2016 में सूचकांकों में 12-15% की बढ़त हासिल होनी चाहिए। वर्ष 2016 के लिए जो सकारात्मक बातें दिख रही हैं।
पी. के. अग्रवाल, निदेशक, पर्पललाइन इन्वेस्टमेंटफिलहाल निकट भविष्य या अगले छह महीनों में भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी संभावनाएँ दिखती हैं, मगर काफी अड़चनें भी हैं। बाजार की चाल इस पर निर्भर करेगी कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर (जीडीपी) कैसी रहती है।
अर्थव्यवस्था और जनांकिकी कारकों के अनुकूल होने के चलते आय में मजबूत वृद्धि, उभरते बाजारों के मुकाबले भारत की तुलनात्मक मजबूती और घरेलू इक्विटी में बढ़ती खुदरा भागीदारी से अगले कुछ वर्षों में निवेशकों को बाजार से तगड़ा मुनाफा मिल सकता है।
ताहेर बादशाह, सीनियर फंड मैनेजर, मोतीलाल ओसवाल एएमसीसाल 2016 के लिए हमें सकारात्मक उम्मीदें हैं, पर अच्छी तेजी 2017 में दिख सकती है। अनुमान है कि भारत की विकास दर 2015-16 में 7.4% और 2016-17 में 7.7% रह सकती है।
टी. एस. हरिहर, सीईओ, एचआरबीवी क्लाएंट सॉल्यूशंसउच्च जीडीपी वृद्धि दर के परिप्रेक्ष्य में भारत वैश्विक बाजारों को पछाडऩा जारी रखेगा। हालाँकि प्रीमियम मूल्यांकन बरकरार रखने के लिए कॉर्पोरेट लाभ के आँकड़ों में जल्द सुधार आने की जरूरत होगी।
सुरेंद्र कुमार गोयल, निदेशक, बोनांजा पोर्टफोलिओकच्चे तेल की निम्न कीमत, निम्न महँगाई और सुधारों का सरकारी एजेंडा मिल कर साल 2016 में शेयर बाजार में तेजी का नया दौर शुरू कर सकते हैं।