विलियम-ओ-नील इंडिया में डायरेक्टर-रिसर्च मयूरेश जोशी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार इस समय कॉर्पोरेट आय (Corporate Earnings) के वापस सँभलने, निजी पूँजीगत व्यय (Private Capex) की वापसी और स्थिर वृहद-आर्थिक (Macro-economic) आँकड़ों के सहारे एक मजबूत चरण में प्रवेश कर रहा है।
मयूरेश जोशी के अनुसार, जून 2026 के अंत तक सेंसेक्स 89,500 और निफ्टी 23,800 के स्तर तक पहुँच सकते हैं। इसके बाद, दिसंबर 2026 तक वे सेंसेक्स को 91,000 और निफ्टी को 24,800 के स्तरों पर देखते हैं।
मयूरेश जोशी के अनुमान |
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सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026) |
89,500 |
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निफ्टी लक्ष्य (जून 2026) |
23,800 |
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सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
91,000 |
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निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
24,800 |
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2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
1175 |
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2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
1300 |
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2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि |
10-20% |
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2025-26 में जीडीपी वृद्धि |
7% |
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2026-27 में जीडीपी वृद्धि |
7.5% |
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अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर |
88.91 |
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अमेरिका से ट्रेड डील कब तक |
मार्च 2026 |
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सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा |
2028 |
उनके अनुसार, यही कारक आने वाले एक वर्ष में भारतीय बाजार को वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन की स्थिति में रखते हैं। आने वाले छह महीनों में तिमाही नतीजे और भूराजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे अहम कारक रहेंगे। वे भारतीय बाजारों पर अमेरिकी शुल्कों का सीमित असर मानते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक अंतिम रूप लेने की उम्मीद जताते हैं।
आगामी आम बजट 2026-27 से मयूरेश जोशी को राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) के रास्ते पर बने रहने, बजटीय आवंटनों में संतुलित वृद्धि, राजस्व (Revenue) के लक्ष्यों की पूर्ति, बुनियादी ढाँचे पर खर्च जारी रहने और नियामकीय ढाँचे को तार्किक बनाये जाने की अपेक्षा है। उनका मानना है कि बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक रह सकता है। ब्याज दरों को लेकर मयूरेश जोशी का आकलन है कि दरों में कटौती का बड़ा हिस्सा पहले ही हो चुका है। हालाँकि आगे 25 से 50 आधार अंकों तक की और गुँजाइश बनी रह सकती है। निजी पूँजीगत व्यय के मोर्चे पर वे मजबूत संकेत देखते हैं, जो आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियोँ को सहारा दे सकते हैं।
अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर
तेजी वाले क्षेत्र : ऐच्छिक खर्च से जुड़े क्षेत्र, चुनिंदा बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा शेयर, बुनियादी संरचना और इंजीनियरिंग
कमजोर क्षेत्र : बड़े आईटी शेयर और चुनिंदा बीएफएसआई
(शेयर मंथन, 14 जनवरी 2026)