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क्या इस साल सेंसेक्स 98,000 करेगा पार? जानें पंकज पांडेय के अनुमान

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के रिसर्च प्रमुख पंकज पांडेय का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार एक ऐसे चरण में है, जहाँ कंपनियों की आय (corporate earning) में सुधार के संकेत, व्यापक बाजारों में आया स्वस्थ सुधार (करेक्शन) और अपेक्षाकृत उचित मूल्यांकन आगे के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। 

उनका मानना है कि इन कारकों के चलते भारतीय बाजार आने वाले 1 वर्ष में वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। पंकज पांडेय के अनुसार, जून 2026 के अंत तक सेंसेक्स 91,400 और निफ्टी 27,750 के स्तर तक पहुँच सकते हैं। अगले 12 महीनों के लिए उनका आकलन और भी मजबूत है। दिसंबर 2026 तक वे सेंसेक्स को 98,500 और निफ्टी को 29.500 के स्तर पर देखते हैं। 

पंकज पांडेय के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

91,400

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

27,750

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

98,500

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

29,500

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1060

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1225

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

0-10%

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

7.4%

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

6.9%

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

88-91

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

मार्च 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2027

मौजूदा समय में पंकज पांडेय बाजार के सकारात्मक कारकों के रूप में कॉर्पोरेट आय में संभावित सुधार, मिड और स्मॉलकैप शेयरों में आये स्वस्थ करेक्शन और मूल्यांकन में आये संतुलन को प्रमुख मानते हैं। वहीं वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और संभावित व्यापार समझौतों से जुड़ी अनिश्चितता को वे प्रमुख नकारात्मक जोखिम मानते हैं। वैश्विक बाजारों की तुलना में अगले 12 महीनों में वे भारतीय बाजार को बेहतर प्रदर्शन करने वाला मानते आने वाले छह महीनों में अमेरिकी शुल्क नीति, तिमाही नतीजे, मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और बजट 2026-27 को वे बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक मानते हैं। अमेरिकी शुल्कों का असर उनके अनुसार भारतीय बाजारों पर हल्का नकारात्मक रहा है, जबकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

आगामी आम बजट से पंकज पांडेय को राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) के रास्ते पर बने रहने और पूँजीगत एवं बुनियादी ढाँचे पर खर्च बढ़ाने की अपेक्षा है। उनका मानना है कि बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक रह सकता है।
ब्याज दरों को लेकर उनका आकलन है कि दरों में कटौती का उच्चतम चरण अब पीछे छूट चुका है और कैलेंडर वर्ष 2025 में नीतिगत दरों में कुल 125 आधार अंकों की गिरावट पहले ही देखी जा चुकी है। निजी पूँजीगत व्यय के मोर्चे पर उन्हें सुधार के शुरुआती संकेत नजर आते हैं, खासतौर पर वाहन क्षेत्र (Auto Sector) में मजबूत खपत वृद्धि के चलते।

अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर

तेजी वाले क्षेत्र : बैंकिंग (विशेष रूप से सरकारी बैंक), आईटी, पूँजीगत वस्तुएँ और रियल एस्टेट 

कमजोर क्षेत्र : रक्षा और वाहन

5 पसंदीदा शेयर : बैंक ऑफ बड़ौदा, एनआरबी बेयरिंग्स, भारती एयरटेल, केपीआईटी और डालमिया भारत

(शेयर मंथन, 14 जनवरी 2026)

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