शेयर मंथन में खोजें

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स (Sensex) 2,713 अंक लुढ़क कर 31,390 पर बंद

कोरोना वायरस (Coronavirus) की बढ़ती चिन्ताओं के बीच कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शुक्रवार के अपने बंद स्तर 34,103.48 के मुकाबले सोमवार की सुबह भारी कमजोरी के साथ 33,103.24 पर खुला, जो आज इसका उच्चतम स्तर रहा। आज दिन भर बाजार में गिरावट का रुख बना रहा और आज के कारोबार में सेंसेक्स नीचे की ओर 31,276.30 तक फिसल गया। आखिरकार आज सेंसेक्स 2,713.41 अंकों या 7.96% की गिरावट के साथ 31,390.07 पर बंद हुआ। दूसरी ओर निफ्टी 50 (Nifty 50) शुक्रवार के अपने बंद स्तर 9,955.20 के मुकाबले 757.80 अंकों या 7.61% की गिरावट के साथ 9,197.40 पर रहा।
आज की इस कमजोरी में एनएसई निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक शेयर- यस बैंक- हरे निशान में बंद हुआ, जबकि 49 शेयर लाल निशान में बंद हुए। यस बैंक आज के कारोबार में 45% की तेजी के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स के सभी 30 शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई के कुल शेयरों में से 411 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,047 शेयरों में कमजोरी रही, जबकि 160 शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
सेंसेक्स के शेयरों की बात करें तो आज इंडसइंड बैंक (Indusind Bank) में 17.5%, टाटा स्टील (Tata Steel) में 11.02% और एचडीएफसी (HDFC) में 10.94% की गिरावट दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 16 मार्च 2020)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख